कानपुर में बिठूर के नसेनिया टिकरा गांव में युवक के खुदकुशी करने के मामले में गहलोत अस्पताल की महिला डॉ. रेनू सिंह गहलोत और उनके कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, धमकाने व एससीएसटी एक्ट में कार्रवाई की है।
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पत्नी की डिलिवरी के दौरान मौत के बाद पति ने की थी खुदखुशी
- फोटो : अमर उजाला
गांव निवासी वीरेंद्र सिंह गौतम (30) ने बुधवार को घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। वीरेंद्र ने खुदकुशी के ठीक पहले एक वीडियो बनाने के साथ दो पन्ने का नोट लिखा था जिसमें लिखा था कि एक नवंबर को उनकी पत्नी की डिलीवरी के दौरान कल्याणपुर के गहलोत अस्पताल में मौत हो गई थी।
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पति पत्नी की मौत के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जिम्मेदार डॉक्टर रेनू सिंह गहलोत हैं। वीरेंद्र के भाई विजय कुमार ने थाने में तहरीर दी। सीओ कल्याणपुर अजय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर डॉ. रेनू व उनके अन्य अज्ञात साथियों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, धमकाने व एससीएसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस जल्द ही आरोपी डॉक्टर समेत अस्पताल के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
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इसी कमरें में लगाई थी फांसी
- फोटो : अमर उजाला
खुद को बचाने को दर्ज कराई थी रिपोर्ट
वीरेंद्र के भाई विजय कुमार ने बताया कि डॉक्टर की गलती से रेखा की मौत हुई थी। इसलिए अस्पताल प्रशासन ने खुद को बचाने के लिए वीरेंद्र पर एफआईआर दर्ज कराई थी। जो तहरीर वीरेंद्र ने दी थी, उस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। आरोप है कि घटना के बाद से वीरेंद्र को धमकियां मिल रही थीं।
अस्पताल को मिली थी क्लीन चिट
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जब रेखा की मौत हुई थी तो सीएमओ ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल के डॉक्टरों को क्लीन चिट दी थी। इसी आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। अब मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी।