ताउते चक्रवात के असर से कानपुर परिक्षेत्र बारिश से भीगा रहा। मंगलवार रात से बादल जो बरसने शुरू हुए तो बुधवार सारा दिन रिमझिम बारिश बनी रही। चक्रवाती तूफान ताउते का असर कानपुर सहित आसपास के जिलों उन्नाव, इटावा, कानपुर देहात, हरदोई, फतेहपुर, चित्रकूट, हमीरपुर, फर्रूखाबाद, बांदा, जालौन में देख ने को मिला। यहां भी तेज हवाओं के साथ-साथ बारिश हुई। मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार और शुक्रवार को भी हल्की बारिश की उम्मीद है। कानपुर में मौसम सुहाना रहा। इसके साथ ही बारिश से रात और दिन दोनों का पारा नीचे आ गया। मौसम विभाग का कहना है कि ताउते का प्रभाव अगले महीने आने वाले मानसून पर नहीं पड़ेगा। इस बार बेहतर बारिश की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के मुताबिक मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 12.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
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यूपी का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि अगले महीने आने वाले मानसून की रफ्तार पर ताउते चक्रवात से कोई असर नहीं पड़ेगा। मानसून और ताउते के आने में दो सप्ताह का अंतराल है।
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मानसून की पूर्व निर्धारित तिथि एक जून है। लेकिन मानसून के 31 मई तक केरल पहुंचने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा इस बार बेहतर मानसूनी बारिश होने की उम्मीद की जा रही है।
तापमान
अधिकतम- 28 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 23.2 डिग्री सेल्सियस
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बारिश में भीग गया 20 हजार क्विंटल गेहूं
फतेहपुर में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी केंद्र प्रभारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और मंगलवार रात हुई बारिश में करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश ने गेहूं खरीद केंद्रों में सरकारी दावों की पोल भी खोल दी। विभागीय लापरवाही के चलते अन्नदाताओं की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है।
सुबह बारिश थमने के बाद जब किसान खरीद केंद्रों पर पहुंचे तो उन्हें खुले में रखा गेहूं भीगा मिला। गेहूं के ढेर के आसपास भरे पानी को बाल्टी, डिब्बा में भरकर उन्होंने बाहर निकाला। किसानों ने इस नुकसान के लिए केंद्र प्रभारियों को जिम्मेदार ठहराया है।