कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर सोमवार देर रात वॉल्वो बस की टक्कर से फार्च्यूनर सवार दिल्ली के दो नेताओं समेत छह लोगों की मौत हुई है। दोनों ने इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। मरने वालों में एक वॉल्वो बस का ड्राइवर भी है। बस डिवाइडर तोड़कर फार्च्यूनर में टक्कर मारने के बाद फ्लाईओवर से नीच गिर गई थी।
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बीस फीट नीचे जा गिरी बस
- फोटो : अमर उजाला
इससे 20 यात्रियों को भी मामूली चोट आई है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज सीट से मनीष सिसौदिया के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सुरजीत सिंह (45) दिल्ली मयूर विहार फेज वन स्थित चिल्ला गांव में रहते थे।
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क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
अपने दोस्त व त्रिलोकपुरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले विक्रम (35), दिल्ली हाईकोर्ट के जज के ड्राइवर मुकेश ठाकुर (35), लालगंज लीलपुर गांव प्रतापगढ़ निवासी कारोबारी रमाशंकर (58) व अपने ड्राइवर सनी के साथ रविवार को प्रतापगढ़ के गंगापुर गए थे। वे अपने मैनेजर सुनील सिंह के बेटे आनंद की शादी में शामिल होने गए थे।
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kanpur road accident
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात करीब 11 बजे सुरजीत सभी के साथ अपनी फॉर्च्यूनर कार से दिल्ली के लिए रवाना हुए। बिल्हौर मकनपुर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर सामने से आ रही तेज रफ्तार वॉल्वो बस डिवाइडर तोड़ते हुए कार से टकराकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। हादसे में फार्च्यूनर सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रक्कड़ अलोह चनब्याला गांव निवासी वॉल्वो बस चालक जतिंद्र सिंह (38) की भी मौत हो गई। बस 40 यात्रियों को गाजियाबाद से लेकर मुजफ्फरपुर (बिहार) जा रही थी।
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क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
पार्षद रह चुके थे सुरजीत, खेल मंत्री से गए थे मिलने
सुरजीत का इंटरनेट केबल का मुख्य कारोबार है। इसके अलावा वे राजनीति में भी कई सालों से सक्रिय थे। चचेरे भाई जितेंद्र ने बताया कि सुरजीत 2007-12 तक पूर्वी दिल्ली से पार्षद भी रह चुके थे। बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि परिजनों से पता चला कि सुरजीत 17 तारीख को प्रतापगढ़ से लखनऊ भी गए थे। उन्होंने कहा था कि वे खेलमंत्री चेतन चौहान से मिलने जा रहे हैं। हालांकि ये पता नहीं चल सका कि सुरजीत की खेलमंत्री से मुलाकात हुई थी या नहीं।
पत्नी से हुई थी आखिरी बार बात
सुरजीत ने रात करीब 11 बजे पत्नी सुनीता से फोन पर बात की थी। सुनीता की ये सुरजीत से आखिरी बातचीत थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि वे प्रतापगढ़ से दिल्ली के लिए निकल चुके हैं। वहीं व्हाट्सएप पर 11:49 बजे तक सक्रिय रहे थे। इसके करीब पौन घंटे बाद हादसा हो गया। फार्च्यूनर सुरजीत की पत्नी सुनीता के नाम पर ही रजिस्टर्ड है।