कानपुर के बाबूपुरवा और यतीमखाना में हुई हिंसा में जिन 63 उपद्रवियों की शिनाख्त हो चुकी है, उनकी धरपकड़ शुरू होगी, जो फरार हैं उनकी कुर्की होगी। इस संबंध में आईजी मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को बैठक कर आलाधिकारियों को निर्देश दिए।
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
वहीं गिरफ्तारियां न करने व कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर एसआईटी को फटकार लगाई है। आईजी ने सबसे पहले नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। बवाल में घायल होने के बाद फरार तीन उपद्रवियों की तलाश को भी कहा है। बाबूपुरवा और यतीमखाना में हुए बवाल के तुरंत बाद पुलिस ने 13 आरोपियों को जेल भेजा था पर, उसके बाद से पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करने का हवाला देकर एसआईटी लगातार उपद्रवियों की गिरफ्तारी से बच रही है। एसआईटी के इस रवैये को देखत हुए आईजी ने डीआईजी अनंत देव, एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल, एसपी क्राइम राजेश कुमार यादव, एसपी पश्चिम अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि जेल भेजने के अलावा 63 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है। इसमें से 24 यतीमखाना व 39 उपद्रवी बाबूपुरवा के हैं। आईजी ने अधिकारियों से कहा है कि इन सभी की जल्द गिरफ्तारी की जाए। वहीं जो नामजद आरोपी हैं, उन को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। साथ ही निर्देश दिए कि जिनकी पहचान हो गई है और वह फरार हैं, उनकी कुर्की की प्रक्रिया शुरू करें।
कानपुर में हिंसा के आरोपियों के पोस्टर चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
पहचान में लगेगा वक्त
आईजी ने कहा कि हिंसा की हजारों फोटो व सैकड़ों वीडियो हैं। इससे सभी उपद्रवियों की शिनाख्त में समय लगेगा। इसलिए जिन-जिन की पहचान होती रहे उनको पकड़कर तुरंत जेल भेजा जाए। आईजी ने कहा कि गिरफ्तारियां होने के बाद तुरंत रासुका की कार्रवाई की जाएगी।