कानपुर के यतीमखाना में हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए 29 लोगों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। इन सभी के खिलाफ हिंसा में शामिल या भड़काने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। वीडियो फुटेज व फोटो देखने के बाद पुलिस ने इनको छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, इन सभी ने पुलिस को उपद्रवियों के बारे में अहम जानकारियां दी हैं।
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कानपुर यतीमखाना हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
यतीमखाना में शुक्रवार व शनिवार को हिंसा भड़की थी। यहां एक सिपाही को गोली मारी गई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने 38 लोगों को हिरासत में लिया था। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच के बाद इनमें से नौ को जेल भेजा गया है। ये सभी हिंसा में शामिल थे। वीडियो फुटेज में ये लोग पथराव करने के साथ-साथ आगजनी करते दिखाई दे रहे हैं। हिरासत में लिए गए 29 लोगों के खिलाफ हिंसा में शामिल होने के सबूत नहीं मिले। लिहाजा, उनको छोड़ दिया गया।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी व आईजी को जिम्मेदारी
हिंसा के मामले में पुलिस ने 17 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें 21 हजार से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई से डरकर लोगों ने पुलिस से अपील की है कि कोई बेगुनाह जेल न जाए। इसके लिए डीजीपी की तरफ से एडीजी व आईजी को जिम्मेदारी दी गई है। जिससे केवल उपद्रवी ही जेल जाएं। इस संबंध में दोनों अफसर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
अफवाह फैलाने वाले चिह्नित, हिस्ट्रीशीटर भी शामिल
यतीमखाना क्षेत्र में हिंसा के बाद से हर रात अफवाहें फैलाई जा रही हैं। लोग डर के कारण रात-रात भर जग रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की है। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि अफवाह फैलाने वाले कुछ लोग चिह्नित कर लिए गए हैं। इनमें कई हिस्ट्रीशीटर भी शामिल हैं। जानकारी मिली है कि एक हिस्ट्रीशीटर लोगों को असलहे दे रहा है और भड़काने का प्रयास कर रहा है। पुलिस उस पर जल्द ही कार्रवाई कर सकती है।
कानपुर में हिंसा के आरोपियों के पोस्टर चस्पा
- फोटो : अमर उजाला
पहले पकड़ा, फिर छोड़ा
हिंसा में शामिल उपद्रवियों को पकड़ने के लिए बेकनगंज पुलिस ने क्षेत्र में बुधवार को दबिश दी और एक युवक को पकड़कर थाने ले गई। उसकी शक्ल फुटेज में दिख रहे एक उपद्रवी से मिल रही थी, लेकिन जांच की गई तो पता चला कि वह उपद्रव में शामिल नहीं था। इस पर उसे छोड़ दिया गया।
तीन हजार से अधिक लोग पाबंद
अब तक तीन हजार से अधिक संदिग्ध लोगों को पाबंद किया जा चुका है। सभी को मुचलके पर छोड़ा गया। एसएसपी ने बताया कि कार्रवाई जारी रहेगी।