यूपी में उन्नाव जिला अस्पताल की ओपीडी में बाहरी लोगों का प्रवेश बेरोकटोक जारी है। डॉक्टर की शह पर ऐसे लोग बकायदा ओपीडी में डाक्टर के साथ बैठते हैं और मरीजों को महंगी दवाएं भी लिखते हैं। मरीज जब इसका विरोध करता है तो उससे अभद्रता भी की जाती है। बुधवार को ट्रामा सेंटर में एक वृद्ध को अस्पताल से बाहर की दवा लिखने के विरोध में धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना से कोई सबक नहीं लिया।
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ओपीडी में डाक्टर को बाहरी दवाएं दिखाता मरीज
- फोटो : अमर उजाला
मरीज नहीं एमआर को मिलता है प्रवेश
बाल रोग विशेषज्ञ डा. बृजकुमार की ओपीडी में गुरुवार सुबह 11 बजे मरीजों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। मरीज की जगह एक एमआर डा. बृजकुमार को दवाओं की जानकारी दे रहा था। ओपीडी के समय एमआर के प्रवेश पर रोक के बावजूद डा. बृजकुमार ने उसे ओपीडी में प्रवेश की छूट दे दी। हालांकि एमआर की गतिविधियों को पकड़ने के लिए जब कैमरे का फ्लैश चमका तो एमआर ओपीडी से बाहर चला गया।
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बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मौजूद एमआर
- फोटो : अमर उजाला
बिना अनुमति के कर रहें प्रैक्टिस
जिला अस्पताल की ओपीडी में बाहरी लोगों को प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी जाती है। हालांकि ओपीडी के डॉक्टर बाहरी लोगों को प्रैक्टिस करने की छूट दे रहे हैं। जिला अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन के पास अक्सर आपको प्रैक्टिस करने वाले लोग बैठे मिल जाएंगे। यह लोग मरीज को दवाएं भी लिखते हैं। हालांकि जानकारी न होने से मरीज ऐसे लोगों का विरोध नहीं कर पाते।
नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में डाक्टर के साथ बैठे बाहरी लोग
- फोटो : अमर उजाला
जांच के बाद सामने आएगी हकीकत
सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि ओपीडी में अगर एमआर प्रवेश कर रहे हैं तो यह गलत है। ओपीडी का जल्द ही औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में अगर एमआर ओपीडी में मिले तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।