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PHOTOS: इन सभी ने 'मुड़-मुड़कर देखा' पुराना जमाना तो आप क्यों पीछें रहें

Sun, 28 Jan 2018 08:33 AM IST
दिलीप सिंह, अमर उजाला, कानपुर
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
गणतंत्र दिवस के मौके पर 'विंटेज एंड क्लासिक कार' क्लब कानपुर की ओर से विंटेज कार रैली निकाली गई। यह रैली जेके मंदिर के सामने से शुरू होकर गौर हरि सिंहानिया संस्थान के मैदान में जाकर रुकी।
 
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
पुराने जमाने की कारें जब सड़कों पर उतरीं तो हर कोई टकटकी लगाकर देखता ही रह गया। लोग मुड़-मुड़ कर कारें देखते रहे। सेल्फी लेने से भी नहीं चूके। लंबरेटा स्कूटर के पहले मॉडल और 70 साल पुरानी बुलेट ने भी रैली की शोभा बढ़ाई।
 
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
जेके ग्रुप के अभिषेक सिंहानिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शहर की 20 से अधिक पुरानी कारें शामिल हुईं। रैली में क्लब के अध्यक्ष एस तारिक इब्राहिम, एम जैन, संजीव कपूर, विवेक निगम, राघेंद्र जीत सिंह, याशिर इब्राहिम आदि लोग मौजूद रहे।
 

दुनिया की इकलौती ‘हंटिंग सैलून’ शहर में 

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली लॉम्बरेटा स्कूटर ले गए आए प्रतिभागी - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
जेके घराने के अभिषेक सिंहानिया भी परिवार के साथ चार विंटेज कारों को लेकर पहुंचे। इसमें रॉल्स रॉयस की फैंटम वन (हंटिंग सैलून), इसी कंपनी की 1922 की मॉडल सिल्वर घोस्ट भी रही।
 
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
अभिषेक ने बताया कि रॉल्स रॉयस ने 1925 में ‘फैंटम वन’ मॉडल कार के सिर्फ दो मॉडल बनाए थे। इसमें से सिर्फ एक कार ही बची है, जो उनके पास है। इस कार को शिकार के लिए प्रयोग करने के लिए बनाया गया था। इसलिए इसे हंटिंग सैलून नाम से भी जाना जाता है। कार की खासियत है कि इसमें पीछे की सीट बिस्तर भी बन जाती है। पिछली सीट के पास भी स्पीड मीटर लगा है।
 
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लंदन से सर्विस करने आता है मैकेनिक 

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
स्वरूप नगर निवासी यासिर इब्राहिम के पास भी कई पुरानी कारें हैं। यासिर के पास रॉल्स रॉयस की 1913 की सिल्वर घोस्ट है। इसकी सर्विस करने लंदन से इंजीनियर आता है। तीन महीने में एक बार विंटेज कार की सर्विस होती है और लाखों का खर्च आता है।
 
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
यासिर ने बताया कि हाल में उन्होंने अपनी सिल्वर घोस्ट को 125 की रफ्तार में दौड़ाया। इसके साथ ही उनकी आस्टिन सेवन-1930, फोर्ड मॉडल ए पिकअप - 1928, डबल लेमोजीन, ब्लू टोरर आकर्षण का केंद्र रही।
 

गदर फिल्म में भी शहर की ‘फोर्ड एंग्लिया’ 

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
शहर के बड़े कारोबारी शाहिद मिर्जा के पास 1938 मॉडल कार ‘फोर्ड एंग्लिया’ है। गदर फिल्म की शूटिंग के लिए इसे मांगा गया था। शाहिद मिर्जा की मानें तो अब यह देश की इकलौती कार है। इस मॉडल की दूसरी कार किसी के पास नहीं है।
 

कूड़े के ढेर से निकाली विंटेज कार

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
स्वरूप नगर निवासी मेडिकल कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. एएम जैन भी पुरानी कारों के शौकीन हैं। इन्होंने शहर के एक वैद्य से 1978 में मॉरिस काउले कार महज 44 हजार में खरीदी थी जो वैद्य के घर के बाहर कूड़े में खड़ी थी। जब कार खरीद कर लाए तो मोहल्ले के लोग भी हंस रहे थे, बोले कि डॉक्टर पागल हो गया है। ज लोग इस कार की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक लगा चुके हैं।
 

क्लब ने दिलाई विंटेज कारों को पहचान

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
विंटेज एंड क्लासिक कार क्लब कानपुर का गठन 10 दिसंबर 2006 को सात लोगों ने मिलकर वशीर लॉज स्वरूप नगर में किया था। इसके अध्यक्ष यासिर इब्राहिम बताते हैं कि गाड़ियों के प्रति प्रेम पूर्वजों से मिला। क्लब बनाने का मुख्य मकसद यह था कि शहर में मौजूद विंटेज और क्लासिक कारों को प्रदर्शन करने का एक मंच मिल सके।
 

हर विंटेज कार की अपनी कहानी 

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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
विंटेज कार रैली में शामिल हुई हर विंटेज कार की अपनी अलग कहानी है। विष्णुपुरी निवासी कारोबारी आयुष्मान सिंह ने बताया कि उन्हें विंटेज कारों का शौक चढ़ा तो उन्होंने 2014 में 1926 की शेवरले की 88-टोरर कार मुंह मांगी कीमत देकर खरीदी। स्वरूप नगर निवासी गणेश जैन के पास 1950 की मॉरिस माइनर मॉडल कार है।
 
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गणतंत्र दिवस पर कानपुर में विंटेज कार रैली - फोटो : रविंदर सिंह भाटिया
1997 में उन्होंने गुजरात के कबाड़ी से खरीदी और आज विंटेज कारों में शोभा बढ़ा रही है। परवेज रुस्तम ने बताया कि वह अपनी नई कार से ज्यादा विंटेज कार सिंगर-1947 की देखरेख करते हैं। शहर के वकील विवेक निगम के पास भी 1947 की आस्टिन-16, 1946 की स्टूडीबेकर चैंपियन अमेरिकन सहित कई कारें हैं।
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