जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लड़ते वक्त शहीद हुए कानपुर देहात के जवान रोहित यादव के परिजनाें पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रोहित की मां और पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है। ऐसे में रोहित यादव के पिता की एक बात आपाको सोचने के लिए मजबूर कर देगी। रोज देश के जवान शहीद हो रहे हैं, सरकार आतंकवाद से निपटने के लिए क्या कर रही है।
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शहीद रोहित के घर पहुंचे अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
आखिर कितने बेटों की शहादत कब तक होती रहेगी। यह बात पिता गंगा सिंह शनिवार की रात पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अजीत पाल से नाराजगी जताते हुए कही। शहीद के अंतिम संस्कार के बाद पहुंचे विधायक से परिजनों ने कहा कि भाजपा का कोई बड़ा नेता अंत्येष्टि स्थल पर नहीं पहुंचा। इस पर विधायक ने खुद के बाहर होने की बात कही।
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शहीद रोहित की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, रविवार को अखिलेश यादव शहीद के परिवार से तो मिले लेकिन अंत्येष्टि स्थल पर नहीं गए, जिस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। डेरापुर के शहीद जवान रोहित यादव के परिजनों में दुख के साथ नाराजगी भी है। वहीं शनिवार को शहीद के पार्थिव शरीर का घर के पास में अंतिम संस्कार किया गया था।
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पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान कानपुर देहात निवासी शहीद जवान रोहित
- फोटो : अमर उजाला
इसमें भाजपा के बड़े नेताओं के न पहुंचने से शहीद के पिता व अन्य परिजन नाराज दिखे। वहीं जब रात को सिकंदरा के भाजपा विधायक अजीत पाल उनके घर पहुंचे तो शहीद के पिता गंगा सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि रोज देश के जवान शहीद हो रहे हैं, सरकार आतंकवाद से निपटने के लिए क्या कर रही है।
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शहीद के परिजनों से रूबरू होते अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
आखिर कितने बेटों की शहादत कब तक होती रहेगी। उन्होंने विधायक के देर से आने पर नाराजगी व्यक्त की तो उन्होंने बाहर होने की बात कही। विधायक ने कहा कि किसी काम के चलते वह आगरा में थे, जानकारी मिलते ही वहां से तुरंत निकले लेकिन आने में रात हो गई। विधायक ने कहा कि सरकार उनके साथ है, हर संभव मदद की जाएगी।
इसके साथ ही रविवार को शहीद के घर पहुंचे अखिलेश यादव अंत्येष्टि स्थल नहीं गए। अखिलेश घर में आधा घंटा रुकने के बाद सीधे निकल गए। ग्रामीणों ने कहा कि अखिलेश को अंत्येष्टि स्थल पर जाकर वहां पुष्प अर्पित करना चाहिए था। अखिलेश के आने के चलते पूरे दिन डेरापुर में सपाइयों का जमावड़ा लगा रहा लेकिन सपा का कोई अन्य नेता भी अंत्येष्टि स्थल पर नहीं गया।