बिकरू कांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम ने शुक्रवार को बिकरू गांव पहुंचकर अपनी जांच शुरू की। टीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ वारदात स्थल से लेकर एनकाउंटर स्पॉट तक का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व एसटीएफ से कई सवाल किए गए।
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न्यायिक आयोग की टीम ने किया विकास दुबे के एनकाउंटर वाली जगह का निरीक्षण
- फोटो : amar ujala
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएस चौहान की अगुवाई में बनी इस टीम में एसके अग्रवाल (हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज) और एके गुप्ता (पूर्व डीजीपी) शामिल हैं। शुक्रवार सुबह यह टीम शहर पहुंची। सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर बिकरू कांड से जुड़ीं जानकारियां हासिल की।
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जहां प्रभात को मारी थी गोली वहां भी गई न्यायिक आयोग की टीम
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साथ ही वारदात के दिन से अब तक की कार्रवाइयों के दस्तावेज लिए। टीम सुबह करीब 11 बजे सर्किट हाउस से बिकरू गांव पहुंची। यहां वारदात स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद बिकरू गांव से सटे कांशीराम नेवादा गांव गई। बिकरू कांड के अगले दिन यहां दहशतगर्द विकास दुबे के दो साथियों अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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विकास दुबे कांड
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न्यायिक आयोग ने मुठभेड़ स्थल का जायजा लेने के बाद एनकाउंटर में शामिल रहे आईजी मोहित अग्रवाल, पूर्व एसएसपी दिनेश कुमार पी, एसपी ग्रामीण बृजेश जायसवाल से पूछताछ की। इन अधिकारियों से पूछा गया कि उनको बदमाशों केछिपे होने की जानकारी कैसे मिली?
उनकी घेराबंदी कैसे की गई? फायरिंग सबसे पहले किधर से हुई? मुठभेड़ में मारे गए बदमाश किस हथियार से फायर कर रहे थे? यहां से टीम पुलिस फोर्स संग पनकी पहुंची जहां विकास के तीसरे साथी प्रभात मिश्रा का एनकाउंटर हुआ था। इस स्थल का जायजा लेने के बाद टीम सचेंडी के भौंती में उस जगह गई जहां मध्य प्रदेश से लाते वक्त गाड़ी पलटने केबाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की थी। और एसटीएफ ने उसे मार गिराया था। इसके बाद न्यायिक आयोग की टीम शहर से रवाना हो गई।