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Vikas Dubey Case: बिकरू कांड में एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा विभागीय जांच में पाए गए दोषी

Thu, 29 Oct 2020 01:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे: विनय तिवारी और केके शर्मा जांच में पाए गए दोषी - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में जेल गए तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। एसपी ग्रामीण ने जांच पूरी कर ली है और जल्द ही जांच रिपोर्ट डीआईजी को सौंपेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ 14ए की कार्रवाई होगी जिसमें बर्खास्तगी तक हो सकती है।
 
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विकास दुबे, दरोगा केके शर्मा, विनय तिवारी - फोटो : अमर उजाला
विनय तिवारी और केके शर्मा पर साजिश में शामिल होकर वारदात को अंजाम देने में बदमाशों का साथ देने का आरोप है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने विभागीय जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के बयान लिए और अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए। मोबाइल नंबर सीडीआर समेत अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। एसपी ग्रामीण ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर दोनों पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। 

 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
मुखबिरी की पुष्टि
वारदात के बाद खुलासा हुआ था कि विनय तिवारी और केके शर्मा विकास दुबे के खास थे। उसके घर भी जाया करते थे। वारदात के पहले और बाद में केके शर्मा की विकास दुबे से बातचीत हुई। केके की विकास के गुर्गे राम सिंह यादव से वारदात के बाद भी बात हुई थी। इन सभी तथ्यों को एसपी ने जांच में शामिल किया जिससे मुखबिरी करने की पुष्टि हुई।

 

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विनय तिवारी और केके शर्मा - फोटो : amar ujala
साजिश में था शामिल, इसलिए अधिकारियों को नहीं दी जानकारी
जांच में एक और अहम तथ्य शामिल किया गया है। दो जुलाई को एफआईआर दर्ज होने के बाद रात 12 बजकर 11 मिनट पर विकास दुबे ने सिपाही राजीव को फोन कर पुलिसकर्मियों को मारने की धमकी दी थी। सिपाही ने विनय तिवारी को इस बात की जानकारी दी थी लेकिन विनय ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही इस बारे में उच्चाधिकारियों को कुछ बताया। इससे साफ है कि सीधे तौर पर वो साजिश में शामिल रहा।

 
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सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र की फाइल फोटो व पूर्व एसओ विनय तिवारी - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दो जुलाई की देर रात विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। वारदात में सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। एसटीएफ ने उसे 10 जुलाई को मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मामले में 35 अपराधियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।

विभागीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ 14ए की कार्रवाई की जाएगी जिसमें बर्खास्त करने तक का प्रावधान है। जैसे साक्ष्य होंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी 

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