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एसआई ने आईजीआरएस पर डाली थी झूठी जांच रिपोर्ट, कहा जय बाजपेई के मकान में कोई पुलिस वाला नहीं रहता

Sat, 22 Aug 2020 03:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
गैंगस्टर जय बाजपेई के मकान में सीओ नजीराबाद ने छापा मारकर वहां रहने वाले तीन दरोगाओं को पकड़ा। डीआईजी ने गुरुवार देर शाम तीनों को सस्पेंड कर दिया। आईजी ने ऐसे पुलिसकर्मियों से विभाग की छवि धूमिल होने की बात कही है। दूसरी ओर अशोक नगर चौकी प्रभारी संजय कुमार शुक्ला ने आईजीआरएस पर डाली थी। जांच रिपोर्ट में जय के मकान में किसी भी पुलिसकर्मी के रहने की बात से साफ इनकार कर दिया।
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
जय और उसके भाइयों की थाने के पुलिस अफसरों में कितनी पैठ है इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि जो दरोगा सीओ की छापेमारी में मकान से पकड़े जाते हैं वह दिनभर क्षेत्र में रहने वाले चौकी प्रभारी को दिखाई ही नहीं दिए। अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट सौरभ भदौरिया ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर जय और उसके गैंग को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों द्वारा धमकाने और अपनी हत्या का अंदेशा जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी।

 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
शिकायत पर नजीराबाद थानान्तर्गत अशोक नगर चौकी प्रभारी संजय कुमार शुक्ला ने अपनी विस्तृत जांच आख्या आईजीआरएस पर भेजी। इसमें कहा कि सौरभ और जय के बीच तीन सालों से विवाद चल रहा है। सौरभ के खिलाफ नजीराबाद में दो, बिठूर में एक मुकदमा दर्ज है। साथ ही चेक बाउंस का भी एक मुकदमा कोर्ट में चल रहा है।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
पुलिस पर दबाव बनाने के लिए सौरभ आला अफसरों से शिकायतें करता रहता है। सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध कराने का आदेश उच्चाधिकारी करते हैं, थाने से सुरक्षा संभव नहीं है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया कि जय के एक मकान में जिले के अन्य थानों में नियुक्त कुछ कर्मचारी किराये पर रहते थे, लेकिन वर्तमान में नहीं रह रहे हैं। आईजीआरएस पर यह रिपोर्ट 20 अगस्त को अपलोड की गई। चौकी प्रभारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक को झूठी रिपोर्ट देने में गुरेज नहीं किया।

 
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जय बाजपेई और गैंगस्टर विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला
जांच रिपोर्ट में जिन मुकदमों का जिक्र किया गया है, सभी षड्यंत्र के तहत पेशबंदी में दर्ज किए गए हैं। मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। गैंगस्टर और संरक्षणदाता पुलिसकर्मियों की शिकायतों पर सुरक्षा मांगी तो मुझे अपराधी बताया गया है। झूठी रिपोर्ट देकर एसआई ने गंभीर अपराध किया है। कार्रवाई न हुई तो मामले को हाईकोर्ट ले जाएंगे। अफसरों से सुरक्षा मांगकर थक चुके हैं अब हाईकोर्ट से ही गुहार लगाएंगे। 
सौरभ भदौरिया, आरटीआई एक्टिविस्ट
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