बिकरू कांड में फरार चल रहे आरोपी अब एक-एक कर कोर्ट में सरेंडर कर रहे हैं। शुक्रवार को 50 हजार के इनामी बसेन, चौबेपुर निवासी आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव ने पुलिस को चकमा देकर माती स्थित जिला न्यायालय में सरेंडर कर दिया। स्पेशल जज दस्यु प्रभावित कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में विकास के कहने पर पुलिस टीम पर फायर करने वालों की धरपकड़ के प्रयास पुलिस कर रही है। वारदात में शामिल रहे विकास के दूर के रिश्ते का भांजा आशुतोष त्रिपाठी उर्फ शिव फरार था। पुलिस की दबिश के बाद भी हत्थे नहीं चढ़ा था। पुलिस अधिकारियों ने उसकी सूचना देने या फिर उसे पकड़वाने पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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लगातार पुलिस का शिकंजा कस रहा था और आशुतोष छिपता फिर रहा था। गिरफ्तारी से बचने को आरोपी आशुतोष त्रिपाठी ने कोर्ट में सरेंडर करने का पैतरा चला। पुलिस को चकमा देकर वह शुक्रवार को वह माती कोर्ट पहुंचा। दोपहर में उसने वकील के साथ स्पेशल जज दस्यु प्रभावित कोर्ट में पेश हुआ। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है। कानपुर नगर के एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरेंडर करने वाले शिव को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अभी तक पुलिस इस मामले में 20 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर भी कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।