फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास दुबे की आंख कान कहे जाने वाले उमाकांत ने किया सरेंडर, गले में टांगी तख्ती- 'रहम किया जाए'

Sat, 08 Aug 2020 04:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
चौबेपुर थाने में पत्नी के साथ दंडवत उमकांत - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के एक और आरोपी उमाकांत उर्फ बउउन ने शनिवार को चौबेपुर थाने में पत्नी और बच्चों के साथ सरेंडर कर दिया। उमाकांत पत्नी के साथ थाने पहुंचा और दंडवत लेट गया। जब दरबान से उससे पूछा तो उसने बताया वो विकास दुबे का साथी है। बिकरू कांड में वह भी शामिल था। जिसके बाद थाने में हड़कंप मच गया। आननफानन में दरोगा ने उसका चेहरा देखा।

 
विज्ञापन

2 of 5
गले में तख्ती टांगकर पहुंचा थाने - फोटो : amar ujala
तभी वहां सीओ संतोष सिंह पहुंच गए और उसे पूछताछ के लिए अंदर ले गए। पुलिस को उमाकांत की काफी समय से तलाश थी। पुलिस ने कई जगह छापेमारी भी की थी लेकिन सफलता नहीं मिली थी। सूत्रों के मुताबिक, उमाकांत उर्फ बउउन को विकास दुबे की आंख, नाक, कान कहा जाता था। चौबेपुर का रहने वाला उमाकांत पुलिस की 50 हजार इनामिया सूची में शामिल हैं।



 
विज्ञापन

3 of 5
दरोगा ने चेहरा किया चेक - फोटो : amar ujala
शनिवार को उमाकांत ने थाना चौबेपुर में सरेंडर किया। इस दौरान वह पत्नी और बच्चों को लेकर पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि उमाकांत ने गले में एक तख्ती टांग रखी थी। जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल किया। साथ ही पुलिस के सामने सरेंडर की बात भी लिख रखी थी। पुलिस ने बताया कि एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए अपराधी विकास दुबे का उमाकांत खास साथी है।

 

4 of 5
उमाकांत के गले में टंगी तख्ती - फोटो : amar ujala
पुलिस एनकाउंटर की दहशत के चलते उसने पत्नी और बच्चों के साथ सरेंडर किया है। उमाकांत ने गले में टांगी तख्ती पर लिखा था, मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ बउउन पुत्र मूलचंद शुक्ला निवासी बिकरू थाना चौबेपुर है। मैं बिकरू कांड में विकास दूबे के साथ शामिल था। मुझे पकड़ने के लिए पुलिस मेरी तलाश में थी। जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं। हम लोगों द्वारा जो घटना की गई थी उसका हमें बहुत आत्मग्लानी है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए। मुझ पर रहम किया जाए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।

अभी तक पुलिस इस मामले में 15 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के एक साथी ने सरेंडर भी किया है। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें