बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एक और साथी राजेंद्र कुमार मिश्रा को पुलिस ने शनिवारी को गिरफ्तार किया है। बिकरू कांड के बाद राजेंद्र पर पुलिस ने पचास हजार का इनाम घोषित किया था। जिसके बाद से पुलिस राजेंद्र को पकड़ने के लिए कानपुर सहित आसपास के जिलों में दबिश दे रही थी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले विकास दुबे के साथी बालगोविंद दुबे को यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को चित्रकूट से गिरफ्तार किया था। बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद विकास और उसके सभी साथी फरार होकर अलग अलग जगहों पर जाकर छिप गए थे। इसी क्रम में बालगोविंद ने चित्रकूट को अपना ठिकाना बनाया था और घटना को अंजाम देने के बाद से वह यहीं पर छिपकर रह रहा था। घटना के बाद से बालगोविंद पर 50 हजार का इनाम घोषित था।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद से यूपी एसटीएफ उसके फरार साथियों की लोकेशन तलाश कर रही है। इनमें से कई की लोकेशन कानपुर और उसके आसपास के जिलों में भी मिली है। ऐसे में विकास के साथियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ दिन रात कई जगहों पर दबिश दे रही है।
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विकास दुबे के गुर्गे उमाकांत शुक्ला ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को बिकरू कांड में आरोपी उमाकांत उर्फ बउउन ने चौबेपुर थाने में नाटकीय ढंग से पत्नी और बच्चों के साथ सरेंडर किया था। उमाकांत पत्नी के साथ थाने पहुंचा और दंडवत होकर लेट गया था। जब दरबान से उससे पूछा तो उसने बताया वो विकास दुबे का साथी है। बिकरू कांड में वह भी शामिल था। जिसके बाद थाने में हड़कंप मच गया था।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। अभी तक पुलिस इस मामले में 20 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के तीन साथियों ने सरेंडर भी किया है। वहीं इस घटना में शामिल कई बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।