शादी में डांस करती खुशी
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खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि बाराबंकी भेजे जाने पर उसके माता-पिता की परेशानी और बढ़ गई है। अब उससे मिलने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ेगी। बताया कि खुशी के पिता ट्रकों की बॉडी में पेंटिंग कर जीवन यापन करते हैं।
किशोर न्याय बोर्ड का आदेश मिलने के बाद खुशी को बाराबंकी बालिका संप्रेषण गृह भेज दिया गया है। - केके सिंह, जेलर माती