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बिकरू कांड: पूछताछ में बाल गोविंद का खुलासा- पुलिस पर फेंके थे हथगोले, लूटे हथियारों से दागी थीं गोलियां

Thu, 13 Aug 2020 12:14 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे का साथी बाल गोविंद - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में बदमाश बाल गोविंद की भी बड़ी भूमिका रही। पूछताछ में उसने बताया कि पुलिस पर उसने भी गोलियां दागने के साथ हथगोले फेंके थे। जहां चार पुलिसकर्मियों के शव पड़े थे, उसने वहां भी हथगोला फेंका था।
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विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
उसने बताया कि दो जुलाई की रात करीब 11 बजे प्रभात मिश्रा उनके घर आया था। कहा कि विकास दुबे बुला रहे हैं। जब वह पहुुंचा तो वहां 50-60 लोग थे। विकास सभी को असलहे दे रहा था। वह भी असलहे और हथगोले लेकर प्रभात की छत पर घात लगाकर बैठ गया था।


 
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
जैसे ही पुलिस पहुंची हमला बोल दिया गया। पुलिस वालों को मारने के बाद विकास ने कहा था कि सभी लोग अलग-अलग चले जाएं। कोई भी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करेगा।

 

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
हीरू दुबे बनाता था बम
बाल गोविंद ने बताया कि विकास दुबे ने उसको देसी बम दिए थे। ये बम हीरू दुबे बनाता था। इसे बनाने में लगने वाला पूरा मैटीरियल अमर समेत अन्य बदमाश उपलब्ध करवाते थे। हालांकि एसटीएफ को आशंका है कि विकास कहीं और से बने बम खरीदकर लाता था। उसने बताया कि जब पुलिस वालों की मौत हो गई तो उन्हीं के असलहों को लूटकर गोलियां चलाईं थीं।

 
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
शरण देने वाले तीन लोग रडार पर
सूत्रों के मुताबिक बाल गोविंद को चित्रकूट में उसी के एक रिश्तेदार ने शरण दी। इसके पहले वो एक-दो दिन कानपुर में परिचित के यहां रुका था। उसके बेटे शिवम दुबे को भी एक ने पनाह दी है। ये तीनों भी पुलिस व एसटीएफ की रडार में हैं।
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