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Vikas Encounter: कहानी तो बिल्कुल फिल्मी है, कुख्यात अपराधी को बगैर हथकड़ी लगाए आखिर क्यों ला रही थी पुलिस

Sat, 11 Jul 2020 07:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
उज्जैन में नाटकीय ढंग से विकास की गिरफ्तारी के बाद उसके मारे जाने की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं लग रही। विपक्षी पार्टियां ही नहीं आम जनता भी एनकाउंटर पर काउंटर (सवाल उठाना) कर रही है। 

सवाल उठना लाजमी भी है, क्योंकि मुठभेड़ से पहले जिस तरह से घटनास्थल से थोड़ा पहले बारा टोल प्लाजा पर बैरियर लगाकर मीडियाकर्मियों और अन्य वाहनों को रोका गया, उससे पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई शक के घेरे में आ रही है।

इसी तरह कार का पलटना और भारी भरकम फोर्स के होने के बाद भी विकास का पिस्टल लूटकर भागना। ऐसे तमाम सवाल हैं जो सोचने पर मजबूर कर रहे कि एनकाउंटर की स्क्रिप्ट पहले से तो नहीं लिख ली गई थी।
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
इसलिए उठ रहे सवाल

कारण एक: विकास के शरीर पर नहीं थी बुलेट प्रूफ जैकेट
उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को जब यूपी पुलिस व एसटीएफ के सुपुर्द किया था, तब उसे बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाई गई थी। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की थी। लेकिन जब विकास मारा गया तो उसके शरीर पर जैकेट नहीं थी। आखिर जैकेट कहां है? क्यों उतारी गई या जबरन विकास से उतरवाई गई।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कारण दो: बारा टोल प्लाजा पर बैरियर लगाकर मीडिया को रोका
कई मीडियाकर्मी उज्जैन से ही एसटीएफ व पुलिस के पीछे लग गए थे। एक क्षेत्र खत्म होता तो दूसरे क्षेत्र के मीडियाकर्मी पीछे लग जाते। सुबह करीब 6:15 बजे पुलिस ने कानपुर देहात का बारा टोल प्लाजा पार किया। इसके बाद बैरियर लगाकर मीडियाकर्मियों और अन्य लोगों की आवाजाही रोक दी गई। इसके आधे घंटे के भीतर ही विकास मारा गया। 
 

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kanpur encounter news - फोटो : amar ujala
कारण तीन: विकास सफारी में था, पलटी टीयूवी-100 
उज्जैन से विकास को सफारी से लाया जा रहा था। कई जगह पर मीडिया ने अपने कैमरों में कैद भी किया। टोल प्लाजा पार करने के दौरान भी विकास सफारी में था। कुछ देर बाद पता चला कि पुलिस की महिंद्रा टीयूवी 100 कार पलटी है। एसटीएफ और पुलिस का दावा है कि विकास इसी में बैठा था। इस वजह से भी मुठभेड़ पर सवाल उठ रहे हैं। 

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कारण चार: घटनास्थल पर नहीं मिले हादसे के निशान
पुलिस ने जहां पर गाड़ी पलटने का दावा किया वहां पर एक्सीडेंट के कोई निशान नहीं मिले हैं। आसपास के लोगों का भी यही कहना था कि कोई हादसा नहीं हुआ। ऐसे में समझ से परे है कि आखिर टीयूवी कार पलटी कब और कैसे? फिलहाल इसका भी जवाब किसी अधिकारी से नहीं मिल सका है।

 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कारण पांच: कार में खुला बैठा था विकास, हथकड़ी भी नहीं लगाई 
विकास दुबे पर पांच लाख का इनाम था। प्रदेश के टॉप-थ्री बदमाशों में था। आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या कर फरार था। ऐसे में उसे कार के भीतर बगैर किसी बंदिश के क्यों बैठाया गया। उसके हाथ में न तो हथकड़ी थी और न ही किसी अन्य चीज से बंधे थे। इतने कुख्यात बदमाश को इतनी ढील क्यों दी गई?

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कारण छह: प्रभात और विकास की मुठभेड़ में कई समानताएं
गुरुवार सुबह पुलिस व एसटीएफ ने पनकी में आरोपी प्रभात मिश्रा को मुठभेड़ में मारा था। इन दोनों मुठभेड़ में कई समानताएं हैं। पनकी में जीप खराब हुई तो भौंती में टीयूवी-100 पलटी। पनकी में जहां जीप खराब होना दिखाया वहां अंडरपास था, ताकि बताया जा सके कि बदमाश यहां से भागा। इसी तरह भौंती में जहां गाड़ी पलटनी दिखाई गई वहां भी हाईवे किनारे की रेलिंग टूटी थी।
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