विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद जांच जितनी गहरी हो रही है, उतनी ही परतें खुल रही हैं और उतने ही चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस भी यह देखकर हैरान है कि विकास दुबे की जड़ें आखिर कहां-कहां तक फैली हुई थीं।
विज्ञापन
2 of 6
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
मामले की जांच के दौरान पता चला कि कोचिंग मंडी में भी विकास दुबे का दबदबा था। विकास के गुर्गे छात्रों का कोचिंग में मुफ्त में एडमिशन कराते थे। बदले में छात्रों से कुछ रकम लेते थे। कमीशन लेकर फीस में छूट भी दिलाते थे। एसटीएफ की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
3 of 6
साथी के साथ विकास दुबे
- फोटो : ANI
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक विकास ने पूछताछ में बताया था कि कोचिंग मंडी भी उसके लिए बड़ा कमाई का जरिया है। दो चार कोचिंग संचालक विकास दुबे के करीबी रहे हैं। उसकी शह पर गुंडागर्दी करते थे। कोचिंग संचालकों की करीबी का खुलासा उसकी सीडीआर व पूछताछ से हुआ था। कई अन्य व्यापारियों से हर महीने प्रभात और अमर दुबे वसूली करते थे।
4 of 6
विकास दुबे को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस
- फोटो : ANI
वहीं विकास दुबे का एक और खजांची (काकादेव निवासी) एसटीएफ की रडार पर है। हाल में ही उसने विकास के करोड़ों रुपये लगाकर पनकी के एक पेट्रोल पंप में पचास फीसदी की हिस्सेदारी ली थी। कुछ महीने पहले उसने पनकी में आठ फ्लैट चार करोड़ रुपये के बेचे। इसमें भी पूरा पैसा विकास ने ही लगाया था। इसके अलावा भी उसके नाम पर विकास ने कई संपत्तियां खरीदी हैं।
विज्ञापन
5 of 6
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
यह शख्स पांच साल पहले 10 हजार रुपये की प्राइवेट नौकरी करता था। आज उसके पास करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी है। विकास दुबे ने जय बाजपेई की तरह ही इसको भी अपना खजांची बना रखा था। वह अपनी काली कमाई इसके जरिये अलग-अलग धंधों में लगाता था।
कल्याणपुर निवासी एक डॉक्टर को भी एसटीएफ ने उठाया था। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया है। उसने भी विकास की करोड़ों रुपये की कमाई कई अस्पतालों में लगाई है। पुलिस उसका कनेक्शन खंगाल रही है।