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जय वाजपेई व उसके गुर्गों की संपत्तियों का ब्योरा ईडी को सौंपा गया, विकास दुबे कांड में किया था ये...

Sat, 29 Aug 2020 01:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
गैंगस्टर जय वाजपेई व उसके गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच के लिए अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने प्रवर्तन निदेशालय को पत्र दिया। पत्र में जय-रजय व उसके परिजनों की 16 संपत्तियों के अलावा जय के गैंग से जुड़े 16 अन्य लोगों की संपत्तियों का भी सिलसिलेवार ब्योरा देकर जांच की मांग की है।

 
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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
शिकायती पत्र में बताया गया है कि किस तरह विकास से सांठगांठ कर जय ने शहर की संपत्तियां कब्जाई। जय और उसके परिजनों ने शहर में ही 16 संपत्तियां कब्जाईं जबकि उसके गैंग से जुड़ने वाले लोग भी कुछ ही महीनों में एक आम आदमी से लाखों-करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन बैठे।


 
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विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
मामूली नौकरी या काम-धंधा करने वाले लोग लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगे। कई राजनेता और बड़े व्यवसायियों की संपत्तियों में भी जय की हिस्सेदारी के सबूत पेश किए। सौरभ की शिकायत करने वाले मनुज गोयल पर भी सरकारी ठेकों की कमाई का बड़ा हिस्सा जय व विकास दुबे को देने और शासन द्वारा क्लीनचिट देकर एसआईटी को गुमराह करने का आरोप लगाया।

 

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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि ब्रह्म नगर का रहने वाला जय वाजपेयी करीब सात वर्ष पहले एक प्रिंटिंग प्रेस में महज कुछ हजार रुपये की नौकरी करता था। देखते-देखते वह अरबपति बन गया। बिकरू कांड के ठीक एक दिन बाद जय को काकादेव पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

 
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विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
फिलहाल ब्रह्मनगर में छह मकान, आर्यनगर में एक अपार्टमेंट में आठ फ्लैट और पनकी में एक डयूप्लेक्स कोठी की जांच की जा रही है। इसके बाद अन्य संपत्तियों की जांच होगी। यह भी पता चला है कि जय और विकास दुबे का पैसा शहर के अस्पताल, होटलों और अपार्टमेंटों में लगा है।
 
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