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बिकरू कांड: जिसकी रही सांठगांठ, अब उसी की निगरानी में जांच, बजरिया इंस्पेक्टर की अपराधियों से मिलीभगत हुई उजागर

Wed, 25 Nov 2020 02:10 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे केस - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में जिन इंस्पेक्टर की सांठगांठ रही, अब उनकी ही निगरानी में एक केस की जांच की जाएगी। केस के आरोपी भी वहीं हैं, जिनके साथ इंस्पेक्टर की मिलीभगत एसआईटी की जांच में उजागर हो चुकी है।
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विकास दुबे केस - फोटो : amar ujala
एसआईटी ने वर्तमान बजरिया इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव को दोषी ठहराया है। एसआईटी ने पाया है कि आरोपी जय बाजपेई से इंस्पेक्टर की सांठगांठ रही है। यही वजह रही कि आपराधिक इतिहास के बावजूद जय का शस्त्र लाइसेंस बन गया।

 
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विकास दुबे केस - फोटो : amar ujala
जय के भाई रजय के साथ भी मिलीभगत के सुबूत मिले हैं। तीन दिन पहले एसआईटी की सिफारिश पर बजरिया थाने में जय के खिलाफ फर्जी शपथ पत्र देकर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है। जांच तो दरोगा को दी गई है लेकिन इसका पर्यवेक्षण इंस्पेक्टर को ही करना है। 

 

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विकास दुबे केस - फोटो : अमर उजाला
पांच नए केसों की जांच को गठित होगी कमेटी
एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में जो भी सिफारिशें की हैं, उनको लेकर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। आईजी ने बताया कि 37 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी है। शासन से एसआईटी की रिपोर्ट मांगी गई है।
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विकास दुबे केस - फोटो : अमर उजाला
ताकि पता चल सके कि किस पुलिसकर्मी पर क्या आरोप हैं। उन्होंने डीआईजी व अन्य पुलिस अफसरों को निर्देश दिए हैं कि तय समय में कार्रवाई पूरी होनी है। चौबेपुर, नजीराबाद, बजरिया और नवाबगंज में कुल पांच नए केस बिकरू कांड से संबंधित दर्ज हुए हैं। ये केस फर्जी शपथ पत्र पर शस्त्र लाइसेंस लेने व फर्जी आईडी पर सिम लेने के हैं। आईजी ने बताया कि इसमें भी टीम गठित कर विवेचना कराई जाएगी। 

एसआईटी की जांच रिपोर्ट शासन से मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। जिन पर आरोप हैं उनको चार्ज से हटाया जाएगा। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - मोहित अग्रवाल, आईजी

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