देश में बनी पहली स्वदेशी सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) शुक्रवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और रेल मंत्री पीयूष गोयल, कानपुर सांसद मुरली मनोहर जोशी के साथ ट्रेन में बैठकर आए। इस ट्रेन ने महज चार घंटे पांच मिनट में दिल्ली से कानपुर तक का सफर तय कर लिया। सुबह 11:18 बजे चली यह ट्रेन दोपहर 3:23 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आ गई।
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वंदे भारत
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद सेंट्रल स्टेशन पर हुए एक कार्यक्रम में ट्रेन की उपलब्धि बताने से पहले रेल मंत्री ने वहां मौजूद लोगों के साथ दो मिनट का मौन रख पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कानपुर देहात के श्याम बाबू के परिजनों समेत सभी शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर कीं। दिल्ली से कानपुर के बीच यह पहली ऐसी ट्रेन है, जिसने इतने कम समय में यह दूरी तय की है।
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रेल मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती देश मनाने जा रहा है, स्वदेशी ताकत बढ़ाकर भारतीयों को आत्मनिर्भर बनाना उनका सपना था, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया है। वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से स्वदेशी हैं, इसको बनाने में लगने वाला मैटेरियल भी स्वदेश में बना है। चेन्नई की आईसीएफ फैक्ट्री (इंटिग्रल कोच फैक्ट्री) ने इसे बनवाया है। महात्मा गांधी का अधूरा सपना अब पूरा हो गया है।
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सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि आतंकी हमला कर देश के विकास को रोकने की कोशिश की गई लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से संदेश दिया गया है कि भारत का विकास नहीं रुक सकता है। उन्होंने देश की सभी पार्टियों से इस मामले में एकजुट रहकर देश को बचाने की हिदायत दी। कहा कि देश बचेगा तो ही राजनीतिक पार्टियां बचेंगी। अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर रेल राज्यमंत्री राजन गोहान, प्रदेश सरकार के मंत्री सतीश महाना, सत्यदेव पचौरी, सपा के राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव, रेलवे बोर्ड चेयरमैन राहुल यादव, एनसीआर जीएम राजीव चौधरी, इलाहाबाद डीआरएम अमिताभ कुमार, सेंट्रल स्टेशन के निदेशक जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कानपुर से अपना रिश्ता जोड़ा और कहा कि उनकी पार्टी और सरकार की जड़ें यहां से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली से कानपुर तक इस ट्रेन को सांसद मुरली मनोहर जोशी लेकर आए हैं क्योंकि यह उनका क्षेत्र है। जोशी जी का उन्हें बचपन से आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने प्रारंभिक शिक्षा शहर के सनातन धर्म स्कूल से ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने डीएवी कॉलेज से शिक्षा हासिल की और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कानपुर में जन्में हैं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन में सफर के दौरान पत्रकारों से बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने के पहले ही दूसरे देशों ने भारत से इस ट्रेन को बनाकर देने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश और चिली ने स्वदेशी तकनीकी वाली इस ट्रेन को मांगा है। यह भारत के लिए गौरव की बात है। बताया कि इस तकनीकी की 30 ट्रेनें बनाने का ऑर्डर हो चुका है। आगे ऐसी 100 ट्रेनों को बनाने की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस स्वदेशी तकनीकी की सेमी हाईस्पीड ट्रेनों को देश के अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा। रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री में ट्रेन सेट बनेगा।