यूपी लोक सेवा आयोग का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को जारी कर दिया गया। शहर में कई मेधावियों का उच्च पद पर चयन हुआ। अरुण दीक्षित नवीं रैंक और लवगीत कौर 22वीं रैंक हासिल कर डिप्टी कलेक्टर बनीं। परीक्षा परिणाम में लड़कियों का दबदबा रहा। शहर से तमाम युवा डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी एसपी, सब रजिस्ट्रार, सीटीओ, आबकारी निरीक्षक, जीआईसी प्रिंसिपल, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बचत अधिकारी, फूड सेफ्टी आफिसर सहित अन्य पद पर चयनित हुए।
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खुशी मनाती छात्राएं
- फोटो : amar ujala
यूपी लोक सेवा आयोग 2018 की परीक्षा इस बार बदले पैटर्न के आधार पर हुई। इस बार निगेटिव मार्किंग को शामिल किया गया, साथ ही वैकल्पिक प्रश्न खत्म कर दिए गए। परीक्षा के परिणाम से मेधावी उत्साहित रहे। शहर की लवगीत कौर, अपूर्वा दुबे, क्रीमिया गुप्ता, प्रेरणा द्विवेदी, संजू सिंह, शिवा त्रिपाठी, दीपांशी राठौर, रुचि शुक्ला प्रतिष्ठा सिंह का चयन हुआ है।
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प्रेरणा
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तीसरे प्रयास में मिली सफलता, सीटीओ बनीं प्रेरणा
मेरी सफलता में पूरा सहयोग मेरे परिवार का है। हर मुश्किल घड़ी में परिवार ने संभाला। यह कहना है कॉमर्शियल टैक्स ऑफीसर के पद पर चयनित हुईं प्रेरणा द्विवेदी का। साकेत नगर निवासी प्रेरणा ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। पिता सत्येंद्र कुमार द्विवेदी एडवोकेट और मां मीरा द्विवेदी गृहिणी हैं। पॉलिटिकल साइंस से परीक्षा देने वालीं प्रेरणा अभी यूनियन बैंक के पीओ के पद पर तैनात हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से बीटेक करने वाली प्रेरणा कहती हैं कि इस बार पैटर्न बदलने से पेपर काफी लंबा था।
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दीपांशी
- फोटो : amar ujala
डिप्टी एसपी बनीं दीपांशी महिलाओं की सुरक्षा पर देंगी ध्यान
बचपन से ही पिता आईएएस सुरेश कुमार को निष्ठा से नौकरी करते हुए देखा था, शुरू से उनकी तरह ही बनना चाहती थी और आज जाकर सपना पूरा हो गया। यह कहना है मूल रूप से उत्तरीपुरा गांव, बिल्हौर निवासी दीपांशी राठौर का। दीपांशी का चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है। वर्तमान में लखनऊ में रह रहीं दीपांशी महिलाओं की सुरक्षा पर काम करना चाहती हैं। वैकल्पिक विषय भूगोल और अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वालीं दीपांशी को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। दीपांशी की मां विमलेश आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षिका हैं।
नायब तहसीलदास शिवा बनीं ट्रेजरी अफसर
ट्रेजरी ऑफीसर के पद चयनित शिवा त्रिपाठी अभी लखनऊ में नायब तहसीलदार पद पर कार्यरत हैं। मूल रूप से गोरखपुर की रहने वालीं शिवा ने शहर ने 2015 में स्वरूप नगर में अपने रिश्तेदार के घर पर रहकर पीसीएस की तैयारी की थी और नायब तहसीलदार पद पर चयनित हुई थीं। पिता सुरेंद्र नाथ गोरखपुर के इंटर कॉलेज में लेक्चरर पद से रिटायर्ड हैं। तीसरे प्रयास में उनको सफलता मिली। बताया कि 25 मिनट के इंटरव्यू में मुझसे और मेरी पढ़ाई से जुड़े हुए कई ट्रिकी सवाल पूछे गए थे। सोशल वर्क और अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वालीं शिवा कहती हैं कि निगेटिव मार्किंग से फर्क पड़ा है।