उत्तर प्रदेश के कानपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय (कन्या) मसवानपुर में बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे छात्राएं झाड़ू-पोछा करती नजर आईं। यहां पर प्रधान शिक्षिका अर्चना द्विवेदी समेत छह शिक्षिकाएं मौजूद थीं।
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11 बजे ही ताला लगाकर जाने लगीं टीचर
- फोटो : amar ujala
रिपोर्टर ने जब प्रधान शिक्षिका से पूछा कि छात्राओं को तो आना नहीं था, तो वह बोलीं कि सभी मिड-डे मील के लिए अपना आधार कार्ड नंबर देने आई हैं जबकि छात्राओं के पास आधार कार्ड आदि नहीं था। इसके बाद तुरंत छात्राओं को वहां से घर भेज दिया गया।
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स्कूल के गेट पर लगा मिला ताला
- फोटो : amar ujala
करीब तीन महीने बाद बुधवार को खुले अधिकतर प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में यही हाल रहा। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सफाई करानी भी उचित नहीं समझी। कई स्कूलों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई थीं।
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कैमरा देख टीचर के इशारे पर छात्रा ने फेंक दी झाड़ू
- फोटो : amar ujala
सफाई कर्मियों के न होने से छात्रों को बुलाकर साफ-सफाई कराई गई। अधिकतर स्कूलों में समय से पहले ही ताला पड़ा नजर आया। अधिकतर शिक्षकों का कहना था कि कोरोना के चलते स्कूल आने में डर तो लग रहा है लेकिन जो आदेश मिला है, उसका पालन भी करना है।
इस संबंध में जब बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. पवन तिवारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और न ही मैसेज का जवाब दिया। वहीं अन्य प्राथमिक विद्यालयों में कहीं गंदगी का अंबार नजर आया तो कहीं टीचर 11 बजे ही स्कूल में ताला लगाकर चले गए। जबकि स्कूल एक बजे तक खुलने हैं।