भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने 11 मार्च 2017 को माखी थाने में दर्ज किए गए किशोरी से गैंगरेप के मुकदमे में पुलिस की ओर से सील किए गए कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए पाक्सो कोर्ट से लिया है।
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उन्नाव रेप कांड
पीड़िता का कहना है कि जो कपड़े पुलिस ने सील किए, वह उसके हैं ही नहीं। उसने घटना वाले दिन पहले गए कपड़े सीबीआई को दिए हैं। न्यायालय से कपड़ों की पोटली लेने के बाद सीबीआई टीम किशोरी से मिलने नहर निरीक्षण भवन पहुंची। किशोरी ने सीबीआई अधिकारियों को बताया कि मार्च 2017 के मुकदमे में पुलिस की ओर से सील कर कोर्ट में दाखिल किए गए जो कपड़े उसके बताए गए, वह वास्तव में उसके हैं नहीं।
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कुलदीप सिंह सेंगर
घटना के वक्त उसने सलवार सूट पहन रखा था। पुलिस ने मैक्सी व कुछ और कपड़ों को उसके (किशोरी) बताकर सील किया था। किशोरी ने सुरक्षित रखे गए अपने कपड़े सीबीआई को उपलब्ध कराए हैं। सीबीआई ने उन कपड़ों को भी सील किया है। उन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने के लिए कहा है।
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उन्नाव कांड
सीबीआई ने अप्रैल 2017 में किशोरी के साथ हुई घटना से संबंधित विचाराधीन मुकदमे के अभिलेखों की सत्यापित प्रति के लिए आवेदन किया है। सूत्रों के मुताबिक दुष्कर्म की घटना में किशोरी के बयान, आरोपियों के बयान, गवाहों और पुलिस की ओर से दिए गए बयानों की फोटो कापी के लिए आवेदन किया है। सीबीआई शेष अभिलेख लेने के लिए बुधवार को फिर कोर्ट जाएगी।
विधायक सेंगर प्रकरण में सीबीआई ने मंगलवार को जेल के डाक्टरों के भी लिखित बयान लिए। सीबीआई ने जेल के डाक्टरों का बयान लेने के लिए दो दिन पूर्व ही उन्हें लिफाफा उपलब्ध करा दिया था। मंगलवार को सीबीआई बंद लिफाफों में डाक्टरों के बयान लेकर चली गई। इससे पहले किशोरी के पिता का इलाज व मेडिकल परीक्षण करने वाले डाक्टरों का भी सीबीआई ने बयान लिया था।