एक अनोखी शादी का गवाह बना बुंदेलखंड। बरात ऐसी कि लोग नजर न हटा पाए। स्वागत ऐसा कि लोग तारीफ करते न थके। इस शादी का ताल्लुक किसी रजवाड़े या बड़ी शख्सियत से तो नहीं है लेकिन दो बड़े दिलवाले परिवारों से जरूर है। एक ओर जहां पानी को लेकर बुंदेलखंड की धरती पर हाहाकार मचा है तो वहीं इस शादी ने एक बड़ा संदेश भी दिया है। शादी की ये तस्वीरें किसी भी इंसान के अंदर उत्साह पैदा कर सकती हैं।
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अनोखी शादी का गवाह बना बुंदेलखंड
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के बांदा जिले में इस अनोखी शादी ने पर्यावरण में बदलाव लाने की कोशिशों को बल दिया है। मध्य प्रदेश की सरहद के पास कालिंजर गांव में शादी का ये अद्भुत नजारा देखने को मिला। दूल्हा किशन बैलगाड़ी पर सवार होकर आया। तो दुल्हन रेखा देवी के परिवार वालों ने भी दरियादिली दिखाई।
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उन्होंने शादी का मंडप पेड़ के नीचे ही बनाया। घरातियों ने बरातियों को पत्तल पर नाश्ता और खाना परोसा।
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आज के दौर में लोग जब शादी में लाखों रुपये केवल आतिशबाजी और गेस्ट हाउस के नाम पर खर्च कर देते हैं तो वहीं इस शादी में दोनों पक्षों ने पर्यावरण को साक्षी मानकर सभी रस्में निभाईं।
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दूल्हा और दुल्हन ने लोगों को बैक टू नेचर का संदेश दिया। दोनों ने शादी की रस्में पूरी होेने के बाद एक पौधा भी लगाया।
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ये पौधा दोनों की शादी का गवाह होने के साथ ही लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गया।
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- फोटो : अमर उजाला
इस शादी में कोई वाहन नहीं था। सजे-धजे बैलों वाली गाड़ियों पर दूल्हा और बरात आई। पत्तों पर भोजन परोसा गया। आम के पत्तों से मंडप सजाया गया। विदाई के समय वर-वधू ने पौधरोपण किया। इन सभी रस्मों के साथ ही इस शादी ने लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की सीख दी है।