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चाहत इस कदर बढ़ी कि देवर-भाभी ने चुनी मौत, सुसाइड से पहले मंगेतर को बताने गया था दिल का हर राज

Wed, 02 Dec 2020 03:32 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर जिले में गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमहेटा गांव में एक ही फंदे में देवर और भाभी के शव लटकते मिले। मंगलवार सुबह परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो दोनों के शव साड़ी से बने फंदे से लटक रहे थे।

पुलिस के अनुसार देवर और भाभी में प्रेम प्रसंग था, देवर की शादी तय हो जाने से दोनों अवसाद में थे। दोनों के रिश्ते किसी से छिपे नहीं थे। शादी तय होने के बाद रिश्तों में दरार आना तय था। शायद इसी वजह से मंगेतर को भी सबकुछ बताने के लिए राममिलन उसके गांव गया था।
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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान - फोटो : अमर उजाला
सुनीता ने भी मोबाइल पर मां से शाम को बातचीत की थी। उसकी बातचीत से मायके पक्ष को जरा भी एहसास नहीं हुआ था कि बेटी रात को ऐसा कदम उठा लेगी। गाजीपुर थाने के ब्राम्हणतारा गांव के भाभी संग जान गवांने वाला राममिलन निमंत्रण में सोमवार शाम असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव गया था।

वह पिता शिवबरन को निमंत्रण में छोड़ने के बाद मंगेतर से मिलने उसके घर गया था। शिवबरन ने बताया कि बेटा निमंत्रण से यह बताकर गया था वह होने वाली ससुराल जा रहा है। करीब एक घंटे बाद लौटा था और वह लोग घर चले आए थे।

 
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देवर भाभी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
घर में सुनीता के कमरे में राममिलन सोने गया था। कमरे के बाहर शिवबरन सोए थे। पुलिस ने कयास लगाया है कि दोनों भोर पहर फांसी लटके होंगे। दोनों रिश्ते को लेकर सोचते रहे होंगे। सुबह होने से पहले दोनों ने दुनिया छोड़ने का फैसला लिया होगा।

सुनीता के मायके पक्ष से परिजन पहुंचे। सुनीता के पिता मुंबई में रहते हैं। सुनीता की मां ने बताया कि पति को बेटी की मौत की खबर दी है। वह मुंबई से लौट रहे है। बेटी से सोमवार शाम बातचीत हुई थी। उस समय मोबाइल पर बेटी हंसकर बातचीत कर रही थी। सुनीता का हरिओम के साथ प्रेम विवाह हुआ था। राममिलन की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी भी लगी थी। उसकी कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग होनी थी। सबकुछ परिवार का बर्बाद हो गया।

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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान - फोटो : अमर उजाला
आधे घंटे तक रोई बच्ची तो घटना का हुआ खुलासा
करीब आधे घंटे तक तीन माह की बच्ची सुबह रोती रही। तब परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका पैदा हुई। वह लोग कुंडी खटखटाते रहे और सुनीता को बुलाते रहे। कोई जवाब नहीं आने पर दरवाजे की कुंडी हाथ डालकर खोली। बच्ची के रोने की आवाज न सुनाई देती तो घटना का पता और बाद में लगता।

 
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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान - फोटो : अमर उजाला
भीड़ जुटने से छत में आए दर्रे मची भगदड़
घटना के बाद गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। घर के अंदर  भी लोग जमा हो गए। कच्ची छत पर भी भीड़ लग गई। अचानक कच्ची छत की मिट्टी धसकने लगी तो अफरातफरी मच गई। उसी छत के नीचे सीओ संजय शर्मा खड़े थे। सीओ भी घर से आननफानन बाहर निकले।
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