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'महिला हिंसा रोकने की अलख' जगाने निकली दो सहेलियां, जानिए, क्यों इतनी दिलचस्प है इनकी ये यात्रा

Fri, 15 Jun 2018 09:52 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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साइकिल यात्रा पर निकली दो सहेलियां - फोटो : अमर उजाला
महिला हिंसा को रोकने का संदेश लेकर दो युवतियां गुरुवार शाम इटावा पहुंचीं। यहां उन्होंने लोगों से महिला हिंसा रोकने, बालिकाओं को शिक्षा का हक देने की अपील की। गंगापुरा में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रामसेवक यादव ने दोनों युवतियों का स्वागत किया। जानिए आखिर क्यों इतनी दिलचस्प है इन सहेलियों की ये यात्रा...
 
 
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साइकिल यात्रा पर निकली दो सहेलियां - फोटो : अमर उजाला
 देश में महिलाओं के प्रति हिंसा के बढ़ते मामले को रोकने और लोगों की सोच में बदलाव लाने के लिए 16 मई से पुणे (महाराष्ट्र) से साइकिल पर निकलीं उत्कर्ष बारमर और वैष्णवी भुजबल कई राज्यों से होते हुए गुरुवार शाम इटावा पहुंचीं। दोनों युवतियां कंप्यूटर इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। उत्कर्ष और वैष्णवी ने बताया कि देश में महिलाओं और बालिकाओं के साथ आए दिन घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं ने उनको झकझोर दिया है।
 
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साइकिल यात्रा पर निकली दो सहेलियां - फोटो : अमर उजाला
अपनी साइकिल यात्रा से वे लोगों का महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने की कोशिश कर रही हैं। इस दौरान वे बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा देने की बात कहती हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने साइकिल यात्रा का बीड़ा उठाया तो उन्हें कई विरोध का सामना करना पड़ा। यहां तक की परिवार वालों ने भी विरोध किया। कई सहेलियों और लोगों ने परेशानियों का हवाला देकर इनके मन को डिगाने का प्रयास भी किया। लेकिन दोनाें ने हार नहीं मानी।
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साइकिल यात्रा पर निकली दो सहेलियां - फोटो : अमर उजाला
उत्कर्ष एवं वैष्णवी ने बताया कि उन्हें कुल मिलाकर साढे़ छह हजार किलोमीटर की यात्रा तय करनी है और वह अभी तक करीब चार हजार किलोमीटर की यात्रा एक माह के अंदर पूरी कर चुकी हैं। पुणे से उन्होंने यात्रा शुरू की। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, पं.बंगाल, झारखंड, बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचीं हैं। इटावा से इन्हें पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रामसेवक यादव गंगापुरा ने यात्रा मंगलमय होने का आशीर्वाद देकर रवाना किया। वे आगरा होते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा गुजरात होते हुए 30 जून को पुणे पहुंचेंगी, जहां यात्रा का समापन होगा।
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