गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर कलवलिया गांव के संदवावीर स्थल में खुदाई में बीस हजार वर्ष पुराने प्रमाण मिलने की संभावना । खुदाई में मिली इन वस्तुओंं से प्राचीन रहस्यों से कई परदे उठ सकते हैं। जानें क्या है मामला...
विज्ञापन
2 of 4
डेमो पिक
चित्रकूट में गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर कलवलिया गांव के पास स्थित संडवावीर स्थल में खुदाई का काम जारी रहा। पुरावत्व विभाग ने अब संडवावीर स्थल से एक किमी दूर स्थित उरदयिन देवी के टीले का सर्वे किया है।
विज्ञापन
3 of 4
डेमो पिक
इसमें प्राचीन मंदिर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस स्थान से कुछ झोपड़ीनुमा सामग्री बरामद होने की संभावना है। जिसे खुदाई में आधा निकाला गया है। इसके मिलने के बाद लोगों में काफी उत्सुकता भी है।
खुदाईस्थल पर मौजूद अधिकारी और और निकली ब्लैक मिट्टी स्लीप
- फोटो : अमर उजाला
उत्खनन कार्य का नेतृत्व करने वालों में शंकुतला देवी मिश्रा, पुनर्वास विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डीन डॉ. अवनीश चंद्र मिश्रा, ने बताया कि इस स्थल से मिली वस्तुओं को देखकर लगता है कि यह स्थल बीस हजार वर्ष पुराने नवपाषण युग के आस-पास है। स्थल से स्केवर व लीवर नाम का सामान मिला है। यह दोनों सामान आदिमानव के बाद समय के लगते हैं। यहां पर प्राचीन मंदिर होने की संभावना लगाई जा रही है।