कानपुर के फजलगंज में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों की कुछ वक्त पहले प्रेम किशोर ने काफी मदद की थी। तब आरोपी मुफलिसी का जीवन काट रहे थे। खाने तक को लाले पड़े थे। तब प्रेम ने राशन दिया था। कई बार नकद रुपये भी दिए। जिसका प्रेम ने कभी हिसाब तक नहीं किया। तब भी इन हैवानों के वारदात को अंजाम देते वक्त हाथ नहीं कांपे। लॉकडाउन में जब गौरव और हिमांशु की नौकरी गई तो कुछ वक्त तक दोनों अपने गांव में रह रहे थे। पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा। गौरव के पास भी आय का कोई साधन नहीं था। एसीपी नजीराबाद संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उस दौरान गौरव कई बार कानपुर आया और प्रेम किशोर की दुकान से राशन लेकर गया। जिसके एवज में प्रेम ने उससे पैसे नहीं लिए।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कई बार हजार, दो हजार, पांच सौ रुपये भी प्रेम ने खर्च के लिए गौरव को दिए। जिससे उसको काफी मदद मिली। इतना सबकुछ करने के बावजूद गौरव ने प्रेम व उसके पूरे परिवार को निशाना बना तीन जिंदगियों को खत्म कर दिया। ये सब बातें खुद आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूली हैं।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड
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पुलिस अफसरों ने दावा किया है कि वारदात में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। इसमें वैज्ञानिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं। इसलिए अब डीएनए जांच भी कराई जाएगी। जिन चीजों को आरोपियों ने प्रेम के घर पर इस्तेमाल किया था उनपर उनके फिंगर प्रिंट मिले हैं।
अब आरोपियों के फिंगर प्रिंट मैच कराया जाएगा। एफएसएल से इसकी भी पुष्टि होगी कि जो खून घटनास्थल पर था वही आरोपियों के कपड़ों व जूतों पर मिला। ये सभी पुख्ता व ठोस सुबूत हैं। फिलहाल आरोपी जेल चले गए हैं। मगर पुलिस की तहकीकात अभी पूरी नहीं हुई है।
पुलिस को ये भी अंदेशा है कि वारदात की वजह सिर्फ लूट है भी या नहीं। ऐसा तो नहीं कि वजह कोई और हो। आरोपी छिपा रहे हों। इसलिए पुलिस आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी। एक दो दिन के भीतर रिमांड पर लेने के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी देगी। आला-ए-कत्ल की बरामदगी करना भी बाकी है।