फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिहरा हत्याकांड: मुफलिसी में प्रेम ने दिया था हत्यारों को निवाला, बदले में मिली खौफनाक मौत

Wed, 06 Oct 2021 02:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
Kanpur Triple Murder Case - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के फजलगंज में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों की कुछ वक्त पहले प्रेम किशोर ने काफी मदद की थी। तब आरोपी मुफलिसी का जीवन काट रहे थे। खाने तक को लाले पड़े थे। तब प्रेम ने राशन दिया था। कई बार नकद रुपये भी दिए। जिसका प्रेम ने कभी हिसाब तक नहीं किया। तब भी इन हैवानों के वारदात को अंजाम देते वक्त हाथ नहीं कांपे। लॉकडाउन में जब गौरव और हिमांशु की नौकरी गई तो कुछ वक्त तक दोनों अपने गांव में रह रहे थे। पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा। गौरव के पास भी आय का कोई साधन नहीं था। एसीपी नजीराबाद संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उस दौरान गौरव कई बार कानपुर आया और प्रेम किशोर की दुकान से राशन लेकर गया। जिसके एवज में प्रेम ने उससे पैसे नहीं लिए।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
कानपुर में तिहरा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कई बार हजार, दो हजार, पांच सौ रुपये भी प्रेम ने खर्च के लिए गौरव को दिए। जिससे उसको काफी मदद मिली। इतना सबकुछ करने के बावजूद गौरव ने प्रेम व उसके पूरे परिवार को निशाना बना तीन जिंदगियों को खत्म कर दिया। ये सब बातें खुद आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूली हैं। 

 
विज्ञापन

3 of 5
कानपुर में तिहरा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसरों ने दावा किया है कि वारदात में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। इसमें वैज्ञानिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं। इसलिए अब डीएनए जांच भी कराई जाएगी। जिन चीजों को आरोपियों ने प्रेम के घर पर इस्तेमाल किया था उनपर उनके फिंगर प्रिंट मिले हैं।

 

4 of 5
कानपुर में तिहरा हत्याकांड: बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अब आरोपियों के फिंगर प्रिंट मैच कराया जाएगा। एफएसएल से इसकी भी पुष्टि होगी कि जो खून घटनास्थल पर था वही आरोपियों के कपड़ों व जूतों पर मिला। ये सभी पुख्ता व ठोस सुबूत हैं। फिलहाल आरोपी जेल चले गए हैं। मगर पुलिस की तहकीकात अभी पूरी नहीं हुई है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कानपुर में तिहरा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को ये भी अंदेशा है कि वारदात की वजह सिर्फ लूट है भी या नहीं। ऐसा तो नहीं कि वजह कोई और हो। आरोपी छिपा रहे हों। इसलिए पुलिस आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करेगी। एक दो दिन के भीतर रिमांड पर लेने के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी देगी। आला-ए-कत्ल की बरामदगी करना भी बाकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें