देश और इंसानियत के ‘दुश्मन’ ने नए साल पर मौत का एक ऐसा उपहार देने की साजिश रची जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। यदि यह गिरोह अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो बड़ी क्षति पहुंच सकती थी।
विज्ञापन
रात को ट्रेनों की आवाजाही थी कम इसलिए टल गया हादसा
2 of 4
रेलवे ट्रैक काटने पर आरी के ब्लेड के निशान दिखाता रेलवेकर्मी
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
दरअसल, कानपुर के समीप बिठूर-नारामऊ के बीच मंधना के एक गांव के पास शनिवार रात को एक गिरोह ने रेलवे पटरी काटने का प्रयास किया। रात को ट्रेनों की कम आवाजाही के चलते बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
ट्रैक पर देखे आरी के ब्लेड के निशान
3 of 4
जहां ट्रैक काटने की कोशिश हुई थी उस जगह खड़ा रेलवे कर्मी
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
इस बात की जानकारी तब हुई जब रेलवे के दो कर्मचारी रात को ट्रैक पर पैट्रोलिंग कर रहे थे। रात के लगभग सवा बारह बजे ट्रैक पर किन्हीं लोगों के दौड़ने का आवाज सुनकर वे चौंक गए। इस पर रेलवे कर्मियों को शक हुआ। उन्होंने टॉर्च जलाकर ट्रैक चैक किया तो उनके होश उड़ गए।
ट्रैक पर जांच के लिए पहुंचे रेलवे के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
ट्रैक की 21 पिनडॉल खुली पड़ी थी और कई कलम्प भी खुले मिले। यह देख फौरन इंजीनियर और स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई। अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। इसके बाद आरपीएफ बुलाई गई। इन्होंने ट्रैक के पास छानबीन की तो उन्हें एक आरी का ब्लेड मौके पर बरामद हुआ।
इसके बाद हड़कंप मच गया। ट्रैक की पिनडॉल कसवाई गई। पुलिस को सूचित कर मामला दर्ज कराया गया। सवेरा होने पर ट्रैक पर पुलिस ने टीम भेजकर जांच करवाई। अब पुलिस इसे आंतकी कार्रवाई के एंगल से भी जांच कर रही है।