फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर ट्रेन हादसा: 50 ट्रेनें प्रभावित, 4500 यात्रियों को निरस्त कराने पड़े रिजर्वेशन

Thu, 29 Aug 2019 04:24 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
कानपुर ट्रेन हादसा - फोटो : अमर उजाला
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर लखनऊ-कानपुर मेमू के बेपटरी होने से 50 ट्रेनें प्रभावित हुईं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे पूछताछ खिड़की पर यात्रियों भीड़ लगी रही। लोग मोबाइल एप पर अपनी ट्रेन की लोकेशन जानते रहे।
विज्ञापन

2 of 5
कानपुर ट्रेन हादसा - फोटो : अमर उजाला
साढ़े चार हजार से अधिक यात्रियों ने अपने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। हजारों यात्रियों ने बसों से सफर करना मुनासिब समझा। वहीं, कई लोग सेंट्रल स्टेशन पर चार से आठ घंटे तक ट्रेन का इंतजार करते रहे।
विज्ञापन

3 of 5
कानपुर ट्रेन हादसा - फोटो : अमर उजाला
एमएसटी धारकों के व्हाट्सएप ग्रुप से पहुंची जानकारी
लखनऊ से कानपुर के बीच नौकरी करने वाले यात्रियों ने व्हाट्सएप ग्रुप में घटना की जानकारी और समय से गंतव्य तक पहुंचने के लिए उपाय बताना शुरू कर दिए थे। ऐसे ही एक  ग्रुप कानपुर-लखनऊ एमएसटी मित्र समिति से जुड़े कानपुर और लखनऊ के यात्रियों को अलर्ट कर दिया गया कि वह लोग सड़क मार्ग से आएं। कानपुर-लखनऊ एमएसटी मित्र समिति के मीडिया प्रभारी निखिल शर्मा ने बताया कि वह रोज लखनऊ जाते हैं, जिस तरह से हादसा हुआ था, इसकी जानकारी ग्रुप में डालने से लखनऊ से कानपुर आने वाले यात्री भी अलर्ट हो गए।

4 of 5
कानपुर ट्रेन हादसा - फोटो : अमर उजाला
लगानी पड़ीं अतिरिक्त बसें
कानपुर से लखनऊ, फतेहपुर, इलाहाबाद, इटावा आने जाने वाले यात्रियों ने झकरकटी बस अड्डे का रुख किया। यहां पर यात्रियों की भीड़ के चलते बसें कम पड़ीं तो रोडवेज बसों की संख्या बढ़ा दी गई। यह भी पर्याप्त नहीं रहीं। इस वजह से ओला और प्राइवेट टैक्सी लेकर ड्राइवर सेंट्रल स्टेशन और झकरकटी बस अड्डे के बाहर पहुंचे, जो मिनटों में भर गईं। सभी को समय से नौकरी करने पहुंचना था। इसलिए यात्रियों की मारामारी दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कानपुर ट्रेन हादसा - फोटो : अमर उजाला
शाम को भी यात्री हुए परेशान
दिन में करीब पौने तीन बजे भले ही ट्रैक बहाल हो गया हो, लेकिन बड़ी संख्या में फंसी ट्रेनों के संचालन में समय लगा। इससे शाम को शहर वापसी करने वाले या यहां से जाने वाले यात्रियों को भी दिक्कतें हुईं। लखनऊ से आने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस, आगरा, झांसी इंटरसिटी एक्सप्रेस शुक्लागंज में फंसी रहीं। सिग्नल प्वाइंट बनाने में कुछ काम बाकी होने पर शाम को भी ट्रेनों को रोककर कुछ देर काम किया गया। इससे यात्रियों को काफी परेशानियां हुईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें