ध्रूम ऋषि के मंदिर में बैठे ग्रामीण
अब यहीं से महिला विधायक के मंदिर में प्रवेश करने की बात फैल गई। विधायक के मंदिर में प्रवेश को लेकर ग्रामीण अशुद्ध मानकर किसी दैवीय आपदा से भयभीत हो गए। इस मामले के दस दिन बाद 22 जुलाई को गांव के महेश, शिवनारायन, सुरेश, किशनलाल, भवानीदीन, जगदीश सहित करीब आधा सैकड़ा ग्रामीण निजी वाहनों से अपने खर्चे से प्रयागराज गंगा स्नान के लिए गए थे। वापस लौटकर ग्रामीणों ने पंडित श्यामलाल रजौनी वालों से गंगाजल से मंदिर शुद्धिकरण कर कथा पूजन और कन्या भोज कराकर पुन: धूम ऋषि की फूलों की पालकी की स्थापना कराई गई थी। महिला विधायक के मंदिर में प्रवेश करने से गांववाले आस्था को ठेस पहुंचना बता रहे हैं। 15 दिन बाद मामले के गरमाने पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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