लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल ने कई दलों की नींद उड़ा दी है। देश के सबसे बड़े सूबे की वीआईपी सीटों में शुमार कन्नौज की सीट इस बार सपा के हाथों से जाती हुई नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश का कन्नौज शहर सपा के गढ़ के साथ साथ इत्रनगरी के तौर पर भी देशभर में पहचाना जाता है।
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गठबंधन प्रत्याशी डिंपल यादव का रोड शो
- फोटो : twitter
इस लोक सभा चुनाव में कन्नौज जबरदस्त चुनावी युद्ध का मैदान बन चुका है। आपको बताते चलें कि यूपी की इस वीआईपी सीट पर लड़ाई एक तरफा नहीं है। यहां से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सपा-बसपा गठबंधन के टिकट पर मैदान में है।
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पत्नी डिंपल के साथ अखिलेश यादव
उनके सामने बीजेपी ने सुब्रत पाठक को मैदान में उतारा था। एग्जिट पोल के मुताबिक कन्नौज से डिंपल यादव को हार का सामना करना पड़ सकता है।पिछले चुनाव में डिंपल यादव बहुत कठिन लड़ाई में जीती थीं। उस दौरान भी डिंपल की टक्कर सुब्रत पाठक से ही हुई थी।
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डिंपल यादव और अखिलेश
- फोटो : अमर उजाला
इस बार भी उनका चुनाव पूरी तरह से फंसा हुआ नजर आ रहा है। वो यह चुनाव हार भी सकती हैं। यूपी की राजनीतिक गणित के अनुसार 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी को 50, समाजवादी पार्टी को 14, बसपा को 13 और कांग्रेस को 2 सीटें मिल सकती हैं।
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डिंपल यादव के साथ अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, एक सीट रालोद के खाते में जा सकती है। 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी को बीजेपी को 73, सपा को 5 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थी। बता दें कि डिंपल को पिछली बार सुब्रत से कड़ी टक्कर मिली थी, इसलिए उन्हें ज्यादा अंतर से नहीं, बल्कि मात्र 19 हजार 907 वोट की बढ़त पर जीत हासिल हुई थी।
पति अखिलेश यादव के साथ डिंपल यादव
- फोटो : अमर उजाला
इस बार हालात मगर बदले हुए हैं। पिछले चुनाव के समय अखिलेश प्रदेश के मुखिया थे इस बार प्रदेश में भाजपा की सरकार है। अब तो बस 23 मई का ही इंतजार है। जहां एक ओर अखिलेश यादव यूपी में भाजपा को पहले ही हारी हुई पार्टी घोषित कर चुके हैं वहीं अब डिंपल की सीट पर तलवार लटकती हुई नजर आ रही है।