इटावा में दो दिन पूर्व नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शन में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर नहीं केवल माहौल बिगाड़ने वालों पर मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में कोई महिला नहीं है। ये बातें गुरुवार को एसएसपी आकाश तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहीं हैं।
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धरने पर बैठीं मुस्लिम महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व सीएए के विरोध में जुटी मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन पर मुकदमा दर्ज करने के साथ पुलिस उन लोगों को चिह्नित करने में जुटी है, जो पुलिस की नजर में शांतिभंग करने के आरोपी हैं। फिलहाल कोई गिरफ्तारी तो नहीं हुई है। प्रदर्शन में जिनका रोल रहा, उन्हें चिह्नित अवश्य किया जा रहा है। गत मंगलवार को दोपहर से लेकर रात करीब पौने 12 बजे तक पचराहे पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ काफी हो हल्ला मचा था।
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अचानक एकत्र हुई भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा था
- फोटो : अमर उजाला
पुराना शहर क्षेत्र के कई मोहल्लों से अचानक करीब एक सैकड़ा महिलाएं निकल आईं थीं। इसकी संख्या बढ़कर तीन सौ के आसपास पहुंच गई थी। रात घिरने तक महिलाओं के समर्थन में लगभग छह हजार पुरुष धरनास्थल के आसपास जमा हो गए थे। पुरुषों को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके तितर बितर करके महिलाओं को भी हटा दिया था।
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पुलिस को रोकने के लिए खड़े प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली में उप निरीक्षक राम प्रताप सिंह ने शहर के महतरटोला निवासी आरिफ समेत कुल 12 लोगों को नामजद करते लगभग 900 अज्ञात महिला व पुरुषों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया है। अब पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित कर रही है जो इसमें प्रमुख रूप से शामिल रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि शांति कायम रखने के हर संभव प्रयास किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए पुलिस को पटकनी पड़ी लाठियां
- फोटो : अमर उजाला
जुमे की नमाज को देखते हुए पहले से निर्धारित ड्यूटियां लगाई गई हैं। सभी प्रमुख जगहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। वहीं कोतवाली में गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक नगर रामयश सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ला समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पुराना शहर क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की। उनसे शहर में शांति का वातावरण बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभाने की अपील की गई।