यूपी के कानपुर जिले में दिल्ली से यात्रियों को लेकर वाराणसी जा रही स्लीपर बस में संदिग्ध हालात में आग लग गई, जिसकी वजह से बस और उसमें रखा सारा सामान जल गया। यह हादसा रामादेवी के नजदीक दिल्ली-प्रयागराज फ्लाईओवर पर हुआ।
दिल्ली से वाराणसी जा रही स्लीपर बस के एसी में शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। यह शार्ट सर्किट छत के बिल्कुल करीब हुआ जिससे निकली आग ने ऊपर रखे सामान को चपेट में ले लिया। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि यह आग पहले हल्की सी लगी होगी। बस के तेज गति से चलने की वजह से एकदम से भड़क उठने की आशंका है।
सीएफओ के मुताबिक, बस के अंदर आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे। पीछे की ओर से इमरजेंसी खिड़की बनी हुई है लेकिन उससे कूदने पर यात्री चुटहिल हो सकते थे। बस वाराणसी के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से संबंधित है।
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कानपुर में बस में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर और वाराणसी के आरटीओ के अफसरों को पत्र लिखा जाएगा। उसमें बस के अंदर अग्निशमन यंत्र होने और पीछे की तरफ आपातकालीन द्वार बनाए जाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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कानपुर में बस में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद चालक बस खड़ी करके भाग निकला था। यात्रियों का सारा सामान जल गया है। चकेरी थाने को निर्देशित कर दिया गया है कि अगर कोई यात्री तहरीर देता है तो उस पर प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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कानपुर में बस में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस पर लपटें देख रुक गए थे पीछे के वाहन
स्लीपर बस में तेजी से लपटें उठने पर पीछे चल रहे ट्रक, बस और अन्य वाहन रुक गए थे। लपटों को देखकर लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में जुटे थे। इस बीच पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने हिम्मत दिखाकर बस के अंदर दाखिल हुए और बस के अंदर सो रहे लोगों को खींच खींचकर बाहर निकाला। अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक दो महिलाएं ऊपर वाली बर्थ पर थीं। उनको जल्दी से उतारा गया।
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कानपुर में बस में लगी आग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्लीपर बस का टैक्स बकाया, प्रदूषण की वैधता खत्म
रामादेवी फ्लाईओवर पर वाराणसी की स्लीपर बस UP-65 PT 9504 में लगी आग के मामले में परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बस मालिक ने परिवहन विभाग का टैक्स जमा नहीं किया है और चार दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की वैधता भी समाप्त हो चुकी है।
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कानपुर में आग में जली बस
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आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि पीटीओ की टीम को जांच के लिए भेजा गया था। बस का नंबर पोर्टल पर चेक किया गया तो पता चला कि परमिट, फिटनेस, इंश्योरेंस और अन्य दस्तावेज पोर्टल पर सही मिले।
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कानपुर में बस में लगी आग पर काबू पाते दमकलकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टैक्स और पीयूसी जैसे अनिवार्य दस्तावेज या तो खत्म हो चुके थे या जमा ही नहीं थे। पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के माध्यम से वाराणसी आरटीओ को भेजी जाएगी। इसके बाद अधिकारी बस मालिक व जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करेंगे।
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कानपुर में बस में लगी आग
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महिलाओं और बच्चों को फंसा हुआ देख लगाई दौड़
स्लीपर बस में फंसी महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्रियों की जान बचाने वाले दरोगा वीरेंद्र सिंह यादव सात सौ मीटर दूर से दौड़ते हुए पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह 2023 बैच के हैं। बादशाहीनाका में उनकी पहली पोस्टिंग हुई है। डायवर्जन के कारण रामादेवी पुल पर ड्यूटी लगी है।
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कानपुर में बस में लगी आग पर काबू पाते दमकलकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आग में लोगों के फंसे हुए होने का सुनकर सबसे पहले उनको बाहर निकालने की प्राथमिकता थी। उन्होंने तीन अन्य ट्रैफिक सिपाहियों के साथ सभी को बाहर कराया। कुछ लोग सामान उठाने में लगे हुए थे। ऊपर वाले का शुक्र है किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई।
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कानपुर में बस में आग लगने के बाद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश कुमार मिश्रा का कहना है कि आग की लपटों ने बस को ऊपर की ओर से घेर लिया था। अगर जरा भी देरी होती तो खतरा बढ़ सकता था। यात्रियों के निकलने के बाद चार धमाके हुए थे। यह टायरों और डीजल की टंकी के फटने से हुए थे।
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कानपुर में बस में आग लगने के बाद लगा जाम
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आग में गहने, रुपये समेत सारा सामान जला
कानपुर में रामादेवी हाईवे पर एसी स्लीपर बस में आग लगते ही जान बचाने की आपाधापी में यात्री अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। किसी के रुपये और गहने जल गए तो कोई अपने माता-पिता के लिए ले जा रहा कपड़े व अन्य कीमती वस्तु तक नहीं बचा सका। यात्रियों के हाथों में मोबाइल व पर्स जरूर थे, लेकिन सर्दी से बचने के लिए सिर्फ शरीर पर पहने हुए कपड़े थे। घटना के बाद यात्री भावुक थे। महिलाएं मुश्किल से अपने आंसू रोक पाईं।
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इन पुलिसकर्मियों ने बचाई यात्रियों की जान
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बहू के गहने और बीस हजार रुपये जले
दिल्ली निवासी पुष्पा देवी पाठक के मुताबिक उनका बड़ा बेटा अमित मिर्जापुर में नौकरी कर रहा है। वहीं पर उसकी शादी का कार्यक्रम है। वह छोटे बेटे के साथ समारोह में शामिल होने के लिए जा रही थीं। बहू के लिए गहने और 20 हजार रुपये रखे थे। बस में आग लगते ही वह नीचे उतर गईं। बस जलकर राख हो गई। उसमें उनके गहने और रुपये जल गए।
इन पुलिसकर्मियों ने बचाई यात्रियों की जान
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माता-पिता के गिफ्ट जले
वाराणसी निवासी यात्री हितेश और हिमांशु ने बताया कि वह लोग दिल्ली से घर लौट रहे थे। उन्होंने माता-पिता और अन्य घरवालों के लिए कई गिफ्ट लिए थे। उन्हें खिड़की से बाहर धुआं निकलते हुए दिखा था लेकिन कुछ भी समझ नहीं आया। पुलिसकर्मियों ने बाहर निकलने की आवाज दी तब जाकर हादसे का पता चला। आग में सबकुछ जलकर राख हो गया।