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PHOTOS: चित्रकूट में भीषण हादसे का 'दर्दनाक नजारा' देख दहाड़े मारकर रोए लोग, अब तक 9 की मौत

Mon, 16 Jul 2018 11:20 PM IST
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

- मरने वालों में छह छात्राएं, एक युवक व एक टेेंपो चालक, दो छात्राएं गंभीर 
- आक्रोशित ग्रामीणों ने डंपर व पुलिस वाहन में की तोड़फोड़, जाम लगाया
- सांसद, विधायक, पुलिस अधिकारियों को सुनाई खरी खोटी
- लाठी फटकार कर पुलिस ने भीड़ तितर-बितर की
 
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हाइवे पर डंपर-टेंपो की टक्कर में कुल आठ लोगों की मौत हुई
झांसी-मिर्जापुर हाइवे पर चित्रकूट मऊ के पास बेकाबू डंपर की चपेट में आकर टेंपो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में छह छात्राएं, एक युवक और टेंपो चालक समेत 9 की जान चली गई। दो छात्राओं की हालत गंभीर है, जिन्हें इलाहाबाद रेफर किया गया है। घटनास्थल को जिसने देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। डंपर छोड़कर ड्राइवर के भाग जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर दी। पुलिस के आनन-फानन कुछ शव पोस्टर्माटम हाउस भेजने पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
 
एसपी, अपर एसपी समेत पुलिसकर्मियों को भीड़ ने दौड़ा दिया। पुलिस ने लाठी फटकारकर स्थिति काबू करने की कोशिश तो भीड़ ने पुलिस वाहन व डंपर में तोड़फोड़ कर दी। समझाने पहुंचे सांसद व विधायक को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने जनप्रतिनिधियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। 
आगे की स्लाड में पढ़ेंः- तेज गति से आ रहे डंपर ने पूरी टेंपो को रौंद दिया...
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तकों में छह छात्राएं एक छात्र व एक टेंपो चालक
चित्रकूट बरगढ़ स्थित राजकीय इंटर कालेज व चंद्रेश इंटर कालेज पढ़ने व टीसी लेने गई छात्राएं सोमवार की दोपहर को टेंपो से अपने गांव लौट रहीं थीं। टेपों में चालक मुर्का निवासी दर्शन मिश्रा पुत्र चंद्रभूषण समेत कुल दस लोग थे। जानकारी के अनुसार जब टेंपो मुर्का की ओर जा रहा था तो चालक ने सुचेता कालोनी के पास एक ट्रक को ओवरटेक किया इसी बीच इलाहाबाद की ओर से तेज गति से आ रहे डंपर ने पूरी टेंपो का रौंद दिया।
 
धमाका इतनी जोरदार हुआ कि एक किलोमीटर दूर तक के ग्रामीण सिहर उठे। टेंपो के परखच्चे उड़ चुके थे। उसमें सवार लोगों की चीख पुकार मची थी। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक महावीर का डेरा बोझ निवासी कविता(17) पुत्री नत्थूप्रसाद,सविता (16)पुत्री तेजबली व सोनम (17) पुत्री चंद्रबली, कछारपुरवा ओबरी निवासी छाया (15)पुत्री छेदीलाल, रंगीलादेवी (17) पुत्री भइयालाल व प्रमिला देवी (19) पुत्री भइयालाल, मुर्का निवासी दर्शन मिश्रा (30) पुत्र चंद्रभूषण (टेंपो चालक) के अलावा छात्र (अज्ञात) की मौत हो चुकी थी।
 
ग्रामीणों ने लोेहे की राड़ के बीच फंसी कछारका पुरवा व डडियनपुरवा ओबरी निवासी साधना देवी (18) पुत्री दिनेश उर्फ विनोद व आंचल देवी (17) पुत्री छेदीलाल की सांसें चलती देख बाहर निकाला। दोनों को मऊ अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के बाद दोनों को जिला अस्पताल फिर इलाहाबाद रेफर किया गया है। सभी छात्राएं इंटर की हैं। कुछ तो इंटर पास कर टीसी लेने गई थीं।

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर ...
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मुख्यमंत्री ने जताया शोक, घायल को 50 हजार की मदद की घोषणा
इस दर्दनाक हादसे की जानकारी होते ही प्रशासनिक अमला व भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। चार मृतकों के शव पुलिस वाहन में रखकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। इसकी जानकारी होते ही ग्रामीणोें का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने पुलिस विभाग पर हादसे का ठीकरा फोड़ते हुए नारेबाजी करने लगे। अन्य शव को उठाकर हाइवे पर रख जाम लगा दिया। डंपर व एक पुलिस वाहन को तोड़ दिया।
 
यहां तक कि ग्रामीण डंपर की डीजल की टंकी फोड़कर आग लगाने जा रहे थे तभी एसपी मनोज कुमार झा व अपर एसपी बलवंत चौधरी सीओ रजनीश यादव के साथ पहुंच गए और ग्रामीणों को भगा दिया। आक्रोशित ग्रामीण चार शव गायब करने व हाइवे पर बस्ती के समीप बेकाबू भागते वाहनों के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। लगभग एक घंटे तक जाम लगा रहा इस दौरान एसपी व अपर एसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि सभी शव मुख्यालय पहुंच गए हैं वहां जाकर उन्हें देख सकते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस को दोषी ठहराया...

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मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख का मुआवजा
हादसे के दोषियों पर कार्रवाई होगी लेकिन कोई टस से मस नहीं हुआ। अचानक आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस कर्मियों को दोषी ठहराकर आगे बढ़ी तो पुलिस ने लाठियां फटकारी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को भी खदेड़ने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे सांसद भैरोप्रसाद मिश्र व विधायक आरके सिंह पटेल ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो कई ग्रामीणों ने उन्हें भी खरी खोटी सुनाई। जिससे जनप्रतिनिधि पीछे खिसक गए।
 
लगभग चार घंटे बाद किसी तरह माने ग्रामीणों ने शव उठाने की मंजूरी देकर जाम हटा लिया। एसपी ने बताया कि हादसे के जिम्मेदार डंपर चालक को पकड़ लिया गया है। परिचालक भाग गया है। ग्रामीणों की मांग पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। जिससे मृत छात्रों के परिजनों को कुछ राहत मिल सके।
 
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः-हादसे का नजारा देख दहाड़े मार रोए लोग...
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पब्लिक ने पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं
मऊ चित्रकूट हाइवे पर डंपर की टक्कर से टेंपो सवार छात्राओं की दर्दनाक मौत का मंजर जिसने देखा उसकी आंखे भर आई। मृतकों के कुछ परिजन इस हादसे का नजारा देखकर वहीं बेहोश हो गए। मृतकों में ओबरी की दो सगी बहनें थी जबकि अन्य दो सगी बहनों में एक की मौत हो गई दूसरी जिंदगी और मौत से इलाहाबाद में संघर्ष कर रही है। 

बरगढ़ थानाक्षेत्र के सुचेताकालोनी के पास सोमवार को दर्दनाक हादसे की तस्वीरें व नजारा सभी को विचलित कर रहा था। मृतकों के परिजन अपनों के शवों की तलाश कर रहे थे। महिलाएं शव से लिपट कर दहाड़ मार रो रहीं थी। कुल मिलाकर नजारा जिसने भी देखा उसकी आंखों से भी आंसू बहने लगे। 

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घटनास्थल पर पड़े स्कूली बच्चों के बैग
बरगढ़ हादसे में कछारका पुरवा ओबरी निवासी प्रमिला व रंगीलादेवी सगी बहनें थीं। रंगीली ने इसी साल हाईस्कूल पास कर इंटर में प्रवेश लिया था जबकि प्रमिला इंटर पास की टीसी लेने गई थी। इसके अलावा इसी गांव की आंचल देवी इंटर पास के बाद टीसी लेने गई थी उसकी हालत गंभीर है जबकि उसकी सगी बहन छाया हाईस्कूल की छात्रा थी जिसकी मौत हो गई। 
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हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बांट रही मौत, घायलों को ले जाती एंबुलेंस
चित्रकूट जिला प्रशासन के लाख दावों की झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े वाहनों की गति पोल खो रही है। छह माह का रिकार्ड देखें तो इसी हाईवे पर इन वाहनों की चपेट में आने से एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार दर्जन से अधिक लोग अपने हाथ पैर गंवा चुके हैं। अमावस्या मेला हो या फिर कोई अन्य कार्यक्रम ओवरलोड वाहन पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सामने ही फर्राटा भरते दिखते हैं। 

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रोते बिलखते मृतक बच्चों के परिजन
स्कूल प्रबंधन व वाहन मालिकों की लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसी साल दो जुलाई को जब जिले में शिक्षा सत्र शुरू हुआ था। तब पहले ही दिन कई स्कूल की बसें सड़क पर जवाब दे गईं थीं। जिन्हें स्कूल के ही बच्चे धक्का लगाकर किनारे तक पहुंचाए थे।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- विभागीय अनदेखी बनी मासूमों का काल ...

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हादसे का नजारा देख दहाड़े मार रोए लोग
चाहे जितनी बार दुर्घटनाएं हों, पर स्कूल प्रबंधन अपने वाहनों का सही देखरेख व मरम्मत नहीं कराते। इसमें परिवहन व यातायात विभाग की भी लापरवाही मासूमों का काल बन जाती है। किसी भी घटना के बाद दोनों विभाग कुछ दिनों के लिए सक्रिय हो जाते हैं, पर इसके बाद हालात फिर वैसेे ही हो जाते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- पहले ही दिन दिखा था नमूना ...
 
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मरने वालों में छह छात्राएं, एक युवक व एक टेेंपो चालक, दो छात्राएं गंभीर
लोगों ने बताया कि टैक्स बचाने के चक्कर में वाहन मालिक व स्कूल प्रबंधन वाहनों की फिटनेस पर ध्यान नहीं देते। समय से बीमा व टैक्स भी जमा नहीं करते। स्कूली वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर लाया जाता है, जिससे दुर्घटनाएं होने की ज्यादा संभावना बनी रहती हैं।

मृतकों के नाम
कविता (17) पुत्री नत्थूप्रसाद, सविता (16) पुत्री तेजबली, सोनम (17) पुत्री चंद्रबली, छाया (15) पुत्री छेदीलाल, रंगीला देवी (17) पुत्री भइयालाल, प्रमिला देवी (19) पुत्री भइयालाल, दर्शन मिश्रा (30) पुत्र चंद्रभूषण (टेंपो चालक), युवक (अज्ञात), साधना (18) पुत्री दिनेश उर्फ विनोद।
 
घायल---
आंचल देवी (17) पुत्री छेदीलाल।
 
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