कन्नौज जिले में सदर तहसीलदार अरविंद कुमार को धमकी मिलने के बाद अफसर गंभीर हो जाते तो शायद मारपीट की यह वारदात न होती। सदर तहसीलदार का कहना है कि घटना के बाद सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए थी। ऐसा न कर घर भेज दिया गया। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार के मुताबिक दोपहर 12:53 बजे उनके पास भाजपा सांसद सुब्रत पाठक का फोन आया था।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार
- फोटो : amar ujala
करीब दो मिनट बात होने के बाद वह भयभीत हो गए। उन्होंने इसकी जानकारी जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी सदर को दी। अगर समय पर सुरक्षा मुहैया हो जाती तो शायद यह घटना न होती। जिले के कई सपा नेताओं ने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट किए हैं। यह वायरल हो रहे हैं।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद
- फोटो : amar ujala
दोनों पक्षों ने कराया मेडिकल
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल अमित राय व रामबरन का मेडिकल परीक्षण
कराया गया। दूसरे पक्ष से भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सचिन शर्मा, रंजीत कश्यप और शिवेंद्र कुमार का मेडिकल परीक्षण हुआ है। सदर कोतवाली प्रभारी नागेंद्र पाठक ने बताया कि तहरीर किसी भी पक्ष से नहीं दी गई है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद चोट दिखाते हुए
- फोटो : amar ujala
मुद्दे को गर्म करने में जुटे विपक्षी दल
घटना के बाद विपक्षी दल सक्रिय हो गए हैं। सपा के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार साजन ने फेसबुक पर सदर तहसीलदार का वीडियो पोस्ट किया है। घटना की निंदा करते हुए सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सुनील साजन के फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते ही यह वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इसे देखा है। बड़ी संख्या में लोगों ने शेयर भी किया।
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मौके पर एसडीएम सदर शैलेष कुमार एडीएम गजेंद्र कुमार
- फोटो : amar ujala
लेखपाल संघ में गुस्सा
लेखपाल संघ के जिला संयोजक राजेश पटेल ने बताया कि सदर तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है। इससे लेखपालों में गुस्सा है। जिलाधिकारी को मांग पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
लॉकडाउन के बाद भी कैसे पहुंच गई इतनी भीड़
लॉकडाउन के बाद भी 20-25 भाजपाई सदर तहसील तक कैसे पहुंच गए, यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। सदर तहसीलदार अरविंद कुमार ने सांसद समेत 20-25 भाजपाइयों के मारपीट करने की बात कही है। जगह-जगह चेकिंग और फोर्स की मौजूदगी के बाद भी इतने लोगों के सदर तहसील तक पहुंचने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा हो रहा है।