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शराबी पिता ने रस्सी से घोटा बेटी का गला, मां बोली- चुनरी डालनी थी, कफन क्यों डाल दिया, मंजर बयां करती तस्वीरें

Wed, 14 Oct 2020 12:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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नीरज की फाइल फोटो व गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
जालौन जिले में कुठौंद थाना क्षेत्र के मजरा डगरुपुरवा में सोमवार की रात किशोरी की मौत के मामले में उसकी मां ने अपने ही पति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर अरुण तिवारी ने बताया कि किशोरी के पिता ने शराब के नशे में धुत होकर खेत पर बेटी का रस्सी से गला घोट दिया था।

फिलहाल आरोपी पिता की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। देर शाम एएसपी डॉ. अवधेश सिंह भी मजरे पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत की। बता दें कि मजरा निवासी मजदूर रामबाबू ने शराब के नशे में सोमवार की रात पहले पत्नी निर्मला से घर पर ही मारपीट की।
 
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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
इस पर निर्मला की दोनों बेटियों नीरज (17) और नीलम (15) ने मां को बचाने का प्रयास किया तो रामबाबू ने तीनों को मारपीट कर घर से निकाल दिया। इस पर मां और दोनों बेटियां पास ही स्थित एक खेत में जाकर छिप गई।

कुछ देर शराब क नशे में गुस्साया रामबाबू भी खेत पर पहुंच गया और फिर से पत्नी निर्मला को पीटने लगा। यहां पर भी उसकी बेटियों के साथ धक्का मुक्की हुई। इसी दौरान रामबाबू ने तिली बांधने वाली रस्सी से बेटी नीरज का गला घोटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।

 
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गांव पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
यह देख निर्मला और नीलम चीख पड़ी तो रामबाबू वहां से फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से शव को घर लाकर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि रामबाबू के खिलाफ हत्या और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाने की पुष्टि हुई है। 

एक बीघा जमीन बनी विवाद की वजह
हत्यारोपी रामबाबू के पिता लल्लूराम ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले ही अपनी एक बीघा जमीन दोनों पौत्रियों की शादी के लिए बेची थी। उसी का पैसा रामबाबू लगातार मांग रहा था। इसको लेकर उसका अपनी पत्नी निर्मला से भी आए दिन विवाद होता था। क्या पता था कि यही विवाद एक दिन उसकी लाडली पौत्री की जान भी ले लेगा। 
 

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मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
हाय, चुनरी डालनी थी, कफन क्यों डाल दिया
बेटी की मौत से मां निर्मला बदहवास सी हो गई थी। शाम के वक्त जैसे ही पोस्टमार्टम से कफन में लिपटा हुआ नीरज का शव घर के दरवाजे पहुंचा तो निर्मला चीख पड़ी कि हाय, लाडो पर कफन क्यों डाल दिया। उसकी तो शादी होने वाली है, उस पर कोई लाल चुनरी डाल दे। निर्मला की चीख सुनकर ग्रामीणों की आंखे भी नम हो गई। 

मजरे की मेधावी छात्रा भी थी नीरज 
नीरज इस वक्त बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। कुठौंद स्थित एक इंटर कालेज से उसनमे इसी साल इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी। कालेज के प्रबंधक अमर चंद्र ने बताया कि नीरज अपनी कक्षा की मेधावियों में गिनी जाती थी। उसका सपना था कि वह पढ़लिख कर जीवन में कुछ बनेगी, ताकि परिवार के कष्ट दूर कर सके। 
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गांव पहुंचा नीरज का शव - फोटो : अमर उजाला
भगवान किसी को न दे ऐसा पिता
बहन के शव पर नीलम और उसके भाई अमन और प्रिंस जितने आंसू बहा रहे थे, उससे भी ज्यादा वे अपने क्रूर पिता को कोस भी रहे थे। बच्चों का कहना था कि भगवान किसी को भी ऐसी निर्दयी पिता जीवन में न दे, जो अपने ही हाथों से अपने लालच के लिए बच्चों की जान का दुश्मन बन जाए।

पहले हुई थी आत्महत्या की चर्चा
नीरज की मौत के बाद जब घरवाले उसका शव लेकर घर आ गए थे, तो परिवार के ही कुछ लोगों ने मामले को दबाने के लिए उसे आत्महत्या का रुप देने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीणों को शक हो ही रहा था कि तभी निर्मला और उसके ससुर ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया और फिर देखते ही देखते पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
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