द्वारका दिल्ली के पीएफ विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों के घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। विभागीय जांच में पता चला है कि शातिर ने पूरे सिस्टम को हैक कर लिया था। इसके अलावा बैंक के सिस्टम में भी सेंधमारी की गई थी। घोटाले की विभागीय और विजिलेंस जांच तेज कर दी गई है।
20 मार्च को द्वारका स्थित पीएफ कार्यालय में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने फर्जी क्लेम बनाकर 10 करोड़ रुपये निकाल लिए थे। सूत्रों के मुताबिक शातिर को पूरे सिस्टम की जानकारी थी।इसका फायदा उठाकर उसने पूरा सिस्टम हैक किया और अपने हिसाब से फर्जी क्लेम बनाकर रकम खातों में ट्रांसफर करता रहा। ये रकम कानपुर समेत देशभर के तमाम बैंकों में ट्रांसफर की गई। कानपुर में 27 लाख रुपये की रकम कानपुर दक्षिण के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से ट्रांसफर हुई थी। जिस खाते में यह रकम आई, वह एक रेलवे कर्मचारी का है। कुछ समय बाद यह रकम किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक रेलवे कर्मचारी के खाते से संबंधित जानकारियां दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दी गई हैं।