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सुषमा स्वराज का कानपुर से था गहरा नाता, ...जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं, बेहद दिलचस्प किस्सा

Wed, 07 Aug 2019 11:41 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सुषमा स्वराज जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं - फोटो : अमर उजाला
आत्मविश्वास से लबरेज और बेबाकी से अपनी बात रखने वाली भाजपा की कद्दावर नेता व पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कानपुर से गहरा नाता रहा। चुनावी सभाएं हों या फिर कोई अन्य कार्यक्रम। वह जहां भी आईं कनपुरियों का दिल जीत ले गईं। अचानक उनकी मौत की खबर से शहरवासी सकते में हैं। शहर के नेताओं में शोक की लहर है।
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सुषमा स्वराज जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं - फोटो : अमर उजाला
पार्टी में था विरोध, सुषमाजी ने बढ़ाया था हौसला
सन 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए सुषमा स्वराज आई थीं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई चुनाव लड़ रहे थे। सलिल विश्नोई ने बताया कि सुषमा स्वराज की उस रैली ने चुनाव में दम भर दिया था। सलिल के मुताबिक उस समय पार्टी के अंदर उनका काफी विरोध था। इसको लेकर वह बेहद परेशान और चिंता में थे। इस बात को सुषमा स्वराज ने भांप लिया था।
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सुषमा स्वराज जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने पूछा था कि वह परेशान क्यों हैं। जब सलिल विश्नोई ने चिंता की वजह बताई तो उन्होंने कहा था कि चुनाव आगे बढ़कर, सकारात्मक सोच व विश्वास के साथ लड़ा जाता है। पार्टी के सभी लोग एकजुट हैं। सलिल की मानें तो सुषमा स्वराज की इस बात ने उनकी सोच बदल दी थी। शायद उसी का परिणाम था कि चुनाव में जीत मिली थी।

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सुषमा स्वराज जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं - फोटो : अमर उजाला
महंगाई बढ़ती है तो दाल पतली हो जाती है...
2007 विधानसभा चुनावी प्रचार में भी सुषमा स्वराज कानपुर आईं थीं। उन्होंने प्रेमलता कटियार के लिए जनसभा भी की थी। ये जनसभा आवास विकास के शिव मंदिर के पास हुई थी। तत्कालीन सरकार पर तंज कसते हुए सुषमा ने कहा था कि जब महंगाई बढ़ती है तो महिलाएं अपनी रसोई की दाल पतली करती जाती हैं। जनसभा में सुषमा स्वराज बेबाकी से भाषण देते हुए विपक्ष पर जमकर बरसीं थीं। मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले प्रेमलता को गले लगाया था। उसके बाद भाषण शुरू किया। वहीं, 2012 में भी सुषमा स्वराज ने प्रेमलता कटियार के लिए प्रचार-प्रसार किया था।
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सुषमा स्वराज जब आईं, कनपुरियों का दिल जीत गईं - फोटो : अमर उजाला
प्रतिक्रिया
भारतीय राजनीति में बहुत बड़े अध्याय का अंत हुआ है। अविश्वसनीय दुखद समाचार। स्तब्ध हूं, अवाक  हूं। सुषमा जी आपके जैसा न कोई था न होगा। ओम शांति। - सांसद सत्यदेव पचौरी का ट्वीट

अविश्वसनीय, दुखद समाचार। सुषमा स्वराज जैसा प्रखर नेता न कोई था और न ही कोई होगा। देश की राजनीति की बहुत बड़ी क्षति है। - मालिनी अवस्थी

अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायी। सुषमा स्वराज का निधन देश और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति के साथ ही यह मेरी व्यक्तिगत क्षति है। सुषमाजी मेरी बड़ी बहन थीं। आपका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा। - सतीश महाना, कैबिनेट मंत्री
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