फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'एक थे सुरेंद्र दास' आईपीएस परीक्षा पास कर बने अफसर, शादी से लेकर सुसाइड तक सबकुछ

Mon, 10 Sep 2018 05:44 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली
जहर खाने वाले आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने पांच दिन संघर्ष के बाद रविवार दोपहर दम तोड़ दिया। बुधवार से सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सुरेंद्र कुमार की मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई। पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुरेंद्र कुमार के शव को सरकारी शव वाहन से लखनऊ ले जाया गया। सोमवार को उनका लखनऊ में अंतिम संस्कार होगा। 

आगे पढ़िए- सुसाइड करने की वजह जिसने कानपुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया....


 
विज्ञापन

2 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास ने बुधवार सुबह कैंट स्थित सरकारी आवास में जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन और मातहत पुलिसकर्मी उन्हें उर्सला ले गए। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई। एडीजी, एसएसपी समेत तमाम पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर सुरेंद्र कुमार का हालचाल लिया। देर रात तक अस्पताल में प्रदेश भर के आईपीएस अफसर सुरेंद्र कुमार का हालचाल जानते रहे। एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने कहा कि सुरेंद्र कुमार ने पारिवारिक कलह के चलते यह कदम उठाया है। कलह किस बात की और किसे लेकर थी, इसकी छानबीन की जा रही है। 

 
विज्ञापन

3 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से बलिया के भरौली निवासी सुरेेंद्र कुमार दास (31) 2014 बैच के आईपीएस थे। इस वक्त पीजीआई लखनऊ के कल्ली पश्चिम में उनकी मां इंदू, भाई नरेंद्र और एक अविवाहित बहन रहती है। एक बहन की शादी हो चुकी है। 3 अगस्त को सुरेंद्र कुमार एसपी पूर्वी बने। यहां कैेंट स्थित सरकारी आवास में वह पत्नी डॉ. रवीना सिंह के साथ रहते थे। बुधवार सुबह सुरेंद्र कुमार ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पत्नी डॉ. रवीना और पुलिसकर्मी उन्हें फार्चून अस्पताल और फिर उर्सला ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रखा।

 

4 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात सुरेंद्र कुमार का पत्नी डॉ. रवीना से किसी बात पर विवाद हो गया। इसकी जानकारी डॉ.रवीना ने मायके वालों को दे दी। इसके बाद डॉ.रवीना के पिता डॉ. रामेंद्र सिंह और मां एसपी के घर पहुंच गए। कमरे में घंटों दोनों पक्षों में बातचीत चली। इसके बाद डॉ.रवीना केमाता-पिता अपने घर लौट गए। इसके बाद सुरेंद्र कुमार ने जहर खा लिया। सुबह सुरेंद्र कुमार की हालत बिगड़ने पर डॉ. रवीना ने फालोअर और छावनी पुलिस को इसकी सूचना दी।

 
विज्ञापन

5 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
डेढ़ साल पहले हुई है शादी 
सुरेंद्र की शादी सर्वोदय नगर स्थित ईएसआई निदेशालय में मेडिकल ऑफीसर डॉ. राघवेंद्र सिंह की बेटी डॉ. रवीना से नौ अप्रैल 2017 में हुई थी। समारोह लखनऊ में हुआ था। डॉ.रवीना का परिवार यहां निदेशालय कैंपस में ही रहता है। डॉ. रवीना ने मेडिकल कालेज कानपुर से एनाटॉमी विभाग से एमएस किया है। जून 2018 में एमएस पूरा करने के बाद डॉ. रवीना जुलाई में अंबेडकरनगर मेडिकल कालेज में डिमांस्ट्रेटर बनीं। एक महीने बाद अगस्त में उन्होंने संविदा की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त सुरेंद्र कुमार अंबेडकर नगर में बतौर सीओ तैनात थे।

 
विज्ञापन

6 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
कानपुर एसपी पूर्वी आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास पारिवारिक कलह से इतना ऊब गए थे कि हर हाल में जीवन समाप्त करने का फैसला कर लिया था। वे गूगल पर हफ्ते भर से आत्महत्या के तरीकों को सर्च कर रहे थे। तमाम तरीके सर्च करने के बाद उन्होंने ब्लेड से नस काटने और जहर खाकर जान देने पर फोकस किया। ज्यादा दर्द न हो और किसी को पता नहीं चले इसलिए अंत में जहर खाकर जान देने का निर्णय लिया। इन बातों का उनके सरकारी आवास में मिले सुसाइड नोट से हुआ है। 

 
विज्ञापन

7 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनंत कुमार तिवारी ने बताया कि सुसाइड नोट में पारिवारिक कलह, पत्नी डॉ. रवीना से छोटी-छोटी बातों पर झगड़े का जिक्र है। कई और बातें भी लिखी हैं जिन पर जांच चल रही है। सुरेंद्र ने पत्नी या परिवार के किसी भी सदस्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। इसे खुद का फैसला बताया है। सात लाइन के पत्र में अंग्रेजी और हिंदी में लिखा है। अंग्रेजी में उन्होंने लिखा है कि एक हफ्ते से वह आत्महत्या का आसान तरीका गूगल पर सर्च कर रहे थे। कई तरीकों के बारे में गूगल पर पढ़ा और वीडियो देखा।

 

8 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद ब्लेड से शरीर की नस काटकर और जहर खाकर आत्महत्या के तरीके को चुना। नस काटकर जान देने का तरीका काफी दर्द भरा था। इसलिए जहर खाकर जान देने का फैसला किया। एसएसपी के मुताबिक सुरेंद्र ने अचानक ही खुदकुशी की कोशिश नहीं की। उन्होंने पहले से खुद को तैयार कर रखा था। एक सितंबर को अधीनस्थ कर्मचारी से घर में चूहे और सांप होने की बात कहकर सल्फास मंगाकर रख ली थी। चार सितंबर को पत्नी से विवाद के बाद सल्फास खा लिया था। 

 

9 of 10
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
रविवार को दोपहर 12 बजे सुरेंद्र दास ने अंतिम सांस ली। उनके मौत की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। दोपहर करीब 2:15 सुरेंद्र कुमार के शव को एम्बुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। वहां सुरेंद्र कुमार का तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में सुरेंद्र कुमार की जहर से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है। करीब एक घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद सुरेंद्र कुमार का शव पुलिस लाइन ले जाया गया।वहां एडीजी अविनाश चंद्र, एसएसपी अनंत देव, एसपी क्राइम राजेश यादव, सुरेंद्र कुमार के भाई नरेंद्र कुमार दास समेत तमाम अफसरों व पुलिस कर्मियों ने शव का कंधा दिया। इसके बाद सुरेंद्र कुमार को प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्ध्रांजलि दी।
विज्ञापन

10 of 10
आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास की हालत गंभीर
आईपीएस सुरेंद्र कुमार का लिखा एक पत्र मिला है। पत्र में लिखा है कि मेरे जहर खाने के पीछे किसी का दोष नही है। रोज-रोज के छोटी-छोटी बातों को लेकर घरेलू झगड़ों से परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं। सात लाइन के लिखे पत्र में रवीना आई लव यू भी लिखा है। पत्र में और बातें लिखी हैं, जिसे पुलिस अफसर मीडिया शेयर नहीं कर रहे हैं। एसपी का कहना पत्र को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेजा जाएगा। एडीजी ने इतना जरूर कहा है कि आईपीएस सुरेंद्र कुमार ने पारिवारिक कलह के चलते यह कदम उठाया था।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें