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जोखिम लेने की क्षमता और नया करने की शक्ति रखने वालों को मिलती सफलता, ये हैं सक्सेस टिप्स  

Fri, 02 Nov 2018 12:22 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी, कानपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। इंटरप्रिन्योरियल ऑपर्च्युनिटी एंड चैलेंज इन हास्पिटेलिटी सेक्टर विषय पर आयोजत इस डिस्कशन में विभाग के प्रभारी विवेक सचान ने कहा कि सफल उद्यमी के दो गुण होते हैं। एक तो जोखिम लेने की क्षमता और दूसरा नया करने की शक्ति। 

 
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अगर दोनों गुण हैं तो व्यक्ति सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ जाएगा। पैनल डिस्कशन में टाई-अप की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकिता शुक्ला, उद्यमी निशीत गुप्ता, जयवर्धन भाटिया और उदिता बंसल ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूजा सिंह, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विवेक सचान ने दिया। यहां अनुराग अग्निहोत्री और सौरभ त्रिपाठी आदि मौजूद थीं। 

 
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कुछ नया किया और सफल हुए ...
 

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1- स्टार्टअप शुरू करने की कोई उम्र नहीं
दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन, श्रीराम कॉलेज से एमबीए और एकेडमी ऑफ पेस्ट्री से छह महीने का कोर्स करने वाली मॉडल टाउन की उदिता बंसल ने स्टार्टअप की शुरूआत शादी के बाद की। उदिता कहती हैं कि स्टार्टअप शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती। वह लेयर्स बेकरी के नाम से पेस्ट्री का ऑनलाइन बिजनेस करती हैं। उनके ज्यादातर ऑर्डर ऑनलाइन रहते हैं। उदिता कहती हैं कि अक्तूबर 2017 से इसकी शुरूआत की थी। बहुत ज्यादा निवेश नहीं किया। केक का बिजनेस शुरू करने के लिए एक ओवन, फ्रिज की जरूरत पड़ी। इसके अलावा उदिता कहती हैं कि उनका ऑनलाइन टाई-अप urbansweets से है, जिसके माध्यम से वह ऑनलाइन काम करती हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, व्हाट्एसअप के जरिए भी बिजनेस करती हैं। 
 
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2- कॉलेज छूटा, आज लाखों का कारोबार
कॉलेज से ड्राप आउट हुए शहर के निशीत गुप्ता आज ऑनलाइन फूड बिजनेस के सरताज हैं। ओएकाके एक्सप्रेस के जरिए ऑनलाइन फूड बिजनेस की शुरुआत करने वाले निशीत कहते हैं कि ग्रेजुएशन के बाद पढ़ाई के लिए मुंबई गया। मन नहीं लगा तो घरवालों की सलाह पर पढ़ने के लिए सिंगापुर चला गया। वहां डिप्लोमा इन इकोनॉमिक्स की पढ़ाई में भी मन नहीं लगा। पढ़ाई छोड़कर कानपुर आया और खुद का बिजनेस करने का मन बनाया। पहले दोस्तों के साथ ऑनलाइन ग्रासरी बेचने का काम शुरू किया लेकिन सफल नहीं हुआ। इस बिजनेस को बंद कर तीन माह में खाना सप्लाई करने का काम शुरू किया। ओएकाके एक्सप्रेस नाम से ऑनलाइन फूड बिजनेस की शुरूआत 15000 रुपये से की। अब वे लाखों कमा रहे हैं। निशीत कहते हैं कि शहर के 55 बड़े रेस्त्रां से टाई-अप किया हुआ है।  
 
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3- घर के गैराज से शुरू हुआ ऑफलाइन कैफे
ऑफलाइन कैफे से स्टार्टअप की शुरुआत करने वाले जयवर्धन भाटिया ने घर के गैराज से कैफे की शुरूआत की। काम में जोखिम था, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। मौजूदा समय में जयवर्धन शहर में 10 ऑफलाइन कैफे चला रहे हैं। इसके अलावा कस्टमर के मन मुताबिक मिठाई बनाने का काम जल्द ही शुरू करने जा रहे हैं।  
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