कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के छात्रों को नए सत्र में ताइवान और थाईलैंड के विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण हासिल करने का मौका मिलेगा। छात्र वहां जाकर खेती की नई तकनीक सीखेंगे। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने संस्थान के लिए पांच वर्षीय सेंटर फॉर एडवांस एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑन न्यूट्रीशनल क्रॉप्स का प्रोजेक्ट पास किया है।
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सीएसए कानपुर
कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत ताइवान, थाईलैंड और इस्रायल के विश्वविद्यालयों के साथ समझौता किया जाएगा। समझौता मई में होगा। समझौते के तहत जून में पहली बार विश्वविद्यालय के दो स्नातकोत्तर छात्रों को इस्रायल भेजा जाएगा।
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सीएसए कानपुर
प्रोजेक्ट के तहत तीन माह में नौ ब्रेन स्टार्मिंग सत्र, नौ राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, तीन शॉर्ट टर्म कोर्स, एक राष्ट्रीय सेमिनार, 12 लिंकेज स्थापित किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के संचालन के लिए निदेशक शोध प्रो. एचजी प्रकाश, संयुक्त निदेशक शोध प्रो. डीपी सिंह, डॉ. सीएल मौर्या, डॉ. रामप्यारे को जिम्मेदारी दी गई है।
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किसानों और छात्रों के लिए बनेगा ऐप
संयुक्त निदेशक शोध प्रो. डीपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत दो अलग-अलग मोबाइल ऐप और सॉफ्टवेयर भी विकसित किए जाएंगे। पहला ऐप छात्रों के शोध पर आधारित होगा और दूसरा किसानों के लिए होगा। मोबाइल ऐप पर किसान खेती से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान हासिल कर सकेंगे। किसान ऐप पर समस्या भेजेंगे और वैज्ञानिक उसके समाधान की जानकारी किसानों को देंगे।
कौशल प्रशिक्षण को पांच शिक्षकों की कमेटी
छात्रों के कौशल विकास के लिए भी काम किया जाएगा। इसके लिए निदेशक शोध प्रो. एचजी प्रकाश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें डॉ. डीपी सिंह, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. सीमा सोनकर और इंजीनियर लाल मणि शामिल हैं।