पाकिस्तानी नागरिक वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान का अपने मुल्क जाना पक्का हो गया है। लाहौर में रहने वाले वकास के परिजनों और उसके स्कूल का पता पाकिस्तानी उच्चायोग ने लगा लिया है, साथ ही वापस लेने को भी तैयार हो गया है। 13 मई को एलआईयू की टीम वकास को वाघा बॉर्डर ले जाएगी। 14 को उसे पाकिस्तानी अफसरों को सौंप दिया जाएगा।
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वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एलआईयू इंस्पेक्टर अनुपम सिंह ने बताया कि इस बारे में प्रदेश के गृह मंत्रालय ने मौखिक रूप से जानकारी दी है। बता दें वकास अहमद 2005 में दिल्ली में भारत-पाकिस्तान के बीच मैच देखने आया था। इसके बाद वापस नहीं गया। मई 2009 में एटीएस के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने वकास को कानपुर महानगर में मंधना स्थित एक साइबर कैफे से दबोचा था।
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वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान (फाइल फोटो)
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उसके पास से भारत का नक्शा, कई गोपनीय दस्तावेज और सेना के मूवमेंट से जुड़े कागजात मिले थे। कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी। 12 फरवरी को सजा पूरी करने के बाद जेल से रिहा हुआ वकास बिठूर थाने में पुलिस की निगरानी में रह रहा था।
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वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानी नागरिक वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान बस कहने को बिठूर थाने में पुलिस की निगरानी में रह रहा है। वह थाने के परिसर में बनी पुलिस बैरक के एक कमरे में रहता है। पुलिस वालों के साथ खाता-पीता है। जरूरत पर थाने के कामकाज में मदद भी करता रहता है।
वकास अहमद उर्फ इब्राहिम खान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
वकास के मुताबिक जेल की चहारदीवारी के बीच 10 साल गुजारे, लेकिन यहां (थाने) में आजादी है। दिन हो या रात यहां इधर-उधर जाने की छूट है। जेल में तो शाम ढलते ही बैरक में जाना पड़ता था। अब थाना घर और पुलिस वाले परिवार के सदस्य जैसे हो गए हैं। वे खाने-पीने से लेकर स्वास्थ्य तक का ध्यान रखते हैं। हर दिन अस्पताल में हेल्थ चेकअप के लिए ले जाया जाता है।