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यूपीः रेलवे भर्ती परीक्षा में एसटीएफ के हत्थे चढ़ा सॉल्वर गिरोह, 3 गिरफ्तार

Tue, 18 Dec 2018 01:39 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- एसटीएफ ने दो सॉल्वर और एक अभ्यर्थी को किया गिरफ्तार
- प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी आउट कराते थे
 
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रेलवे ग्रुप डी परीक्षा देने आए सॉल्वर दबोचे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेलवे भर्ती बोर्ड की ग्रुप (डी) की परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले एक और अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा सोमवार को हुआ है। एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) ने कानपुर के कल्याणपुर इलाके से गैंग के दो सॉल्वर व एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों से 2490 रुपये, मोबाइल, रेलवे ग्रुप डी भर्ती के प्रवेश पत्र, वोटर आईडी, फर्जी आधार कार्ड समेत तमाम दस्तावेज बरामद किए हैं। एसटीएफ अफसरों का दावा है कि यह सॉल्वर टीईटी, सीटीइटी, एसएससी, रेलवे समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते थे। गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

एसटीएफ की स्थानीय इकाई के प्रभारी घनश्याम यादव के मुताबिक ने उनकी टीम ने पिछले दिनों कल्याणपुर इलाके से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में दूसरों की जगह परीक्षा देने वाले साल्वरों को पकड़ा था। उन लोगों से पूछताछ में गैंग से जुड़े कुछ और सॉल्वरों के बारे में जानकारी मिली थी। एसटीएफ तब से इस मामले में लगी थी।
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रेलवे ग्रुप डी परीक्षा देने आए सॉल्वर दबोचे
सोमवार को कल्याणपुर इलाके से रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए सॉल्वर खैरामाठ पारवा,  जयनगर मधुबनी (बिहार) निवासी दुर्गेश कुमार, कुंजी विगहा दाऊद नगर, औरंगाबाद (बिहार) निवासी नीतीश कुमार और अभ्यर्थी अजबैया, सुदनीपुर कला, हनुमानगंज (प्रयागराज) निवासी राजेश कुमार भरतीया को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार कर लिया।

सॉल्वर गैंग के मुख्य सरगना सॉल्वर बैठाने के साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र आउट करा कर मोटी कमाई करते हैं। सॉल्वरों ने पूछताछ में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में यूपी, एमपी, बिहार और झारखंड के परीक्षा सेंटरों पर अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की बात कबूली है। नीतीश और दुर्गेश ने गैंग से जुड़े कई लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश में एसटीएफ जुटी है।

इनकी है तलाश
गैंग का मुख्य सरगना कनक जी मुसहमपुर हॉट, पटना (बिहार) का रहने वाला है। वह कनक डिजिटल स्टूडियो चलाता है। जबकि यूपी का सरगना मिरईपुर, फतुहा, प्रयागराज का रहने वाला है। दोनों की एसटीएफ को तलाश है।
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रेलवे ग्रुप डी परीक्षा देने आए सॉल्वर दबोचे
ये हुआ बरामद
तीन मोबाइल फोन, रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा ग्रुप (डी) के तीन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, दो फर्जी वोटर आईडी, चार फर्जी आधार कार्ड, दो एटीएम।

सॉल्वर के रेट 10 से 50 हजार तक
कानपुर। एसटीएफ ने जिन सॉल्वरों को पकड़ा है, वे पढ़े लिखे हैं। दोनों सॉल्वर स्नातक पास हैं। इस धंधे से जुड़े पुराने सॉल्वरों को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पर 10 से 50 हजार रुपये मिलते थे। वहीं नए सॉल्वर को 10 से 20 हजार रुपये दिए जाते थे। बाकी रकम गैंग के सरगना के खाते में जाती थी। आरोपियों का कहना है कि शार्ट कट से मोटी रकम कमाने के चक्कर में वे सॉल्वर गैंग के जाल में फंस गए। सॉल्वर दुर्गेश ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र आउट कराने और साल्वर बैठाने के एवज में वह एक अभ्यर्थी से  पांच से छह लाख रुपये वसूलते थे। वह कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है।

मिक्सिंग से तैयार करते थे आईडी व प्रवेश पत्र
मुख्य सरगना कनक जी यूपी के सरगना अंकित पांडेय अभ्यर्थी से रुपया वसूलते थे। इसके बाद दोनों कनक के पटना स्थित कनक जी डिजिटल स्टूडियो में बैठकर फर्जी आईडी व मिक्सिंग फर्जी प्रवेश पत्र तैयार करते थे। फिर सॉल्वर को संबंधित जिले में भेज देते थे। 
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