एक पिता ने अपनी ही बेटी से ऐसी हरकत कर डाली जिसे किसी के लिए सोचना तक गुनाह समझा जाता है। ऐसा पिता होना पिता के नाम पर कलंक नहीं तो और क्या है..?
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परिजन बच्ची की मौत की पर विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
बिल्हौर के ककवन इलाके की इस वारदात ने यहां के लोगों को झकझौर कर रख दिया है। रविवार रात की बात है, आरोपी मेघसिंह ने अपनी पत्नी रामबेटी को जानवरों की तरह पीटा। मेघसिंह द्वारा बेटी के साथ गलत हरकत किए जाने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद मेघसिंह ने पत्नी रामबेटी को एक कमरे में बंद कर दिया और अपनी ही बेटी से रेप किया।
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वारदात के बाद महिला ने घर पर लगाया ताला
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
फिर बच्ची को कहीं गायब कर दिया। इसके बाद मेघसिंह घर से भाग गया। जाते-जाते उसने अपने पिता श्रीनिवास को पूरा प्रकरण बता दिया। इस मामले में महिला ने सोमवार को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बता दें इससे पहले भी महिला कई बार पुलिस को पति की हरकतों से तंग आकर रिपोर्ट दर्ज करा चुकी थी लेकिन पुलिस ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। पुलिस की हिलाहवाली चलती रही।
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बच्ची के शव को रेप और हत्या के बाद झाड़ियों में फेंका
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
दो दिन बाद जब पुलिस ने आरोपी का पिता को पकड़ा तो पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि पिता ने बेटे मेघसिंह को बचाने के लिए ऐसे जुर्म पर पर्दा डालना चाहा जिससे पूरी मानवता शर्मसार हो जाए। मेघसिंह ने घटना के दिन यानी रविवार की रात को बेटी से रेप के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस घिनौने अपराध को अंजाम देने के बाद वह बुरी तरह घबरा गया और शव को घर से कुछ दूर लेजाकर झाड़ियों में फेंक दिया। पिता ने पुलिस को बताया यह बात मेघसिंह ने खुद उसे बताई थी।
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बच्ची की मौत पर विलाप करती मां
इसके बाद आरोपी मेघसिंह को बचाने के चक्कर में पिता श्रीनिवास ने बच्ची के शव को घर से एक किलोमीटर दूर जरैला पूर्वा स्थित शाहदेवी मंदिर के पास ले जाकर जमीन में गाड़ दिया। पुलिस ने श्रीनिवास के बयान के बाद लड़की के शव को निकाला और आरोपी मेघसिंह की तलाश तेज कर दी।
जानकारी के मुताबिक श्रीनिवास के बताए ठिकाने पर दबिश देकर मेघसिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि मेघसिंह घर से दूर नहीं भागा था, बल्कि वह अपने किसी परिचित के यहां जरैला पूर्वा के नजदीक ही छिपकर रह रहा था। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की हीलाहवाली के चलते बच्ची को नहीं बचाया जा सका। महिला का आरोप है कि मामला पुलिस के ढुलमुल रवैये से बढ़ता चला गया। यदि समय पर कार्रवाई होती तो बच्ची की जान बच जाती।