कानपुर। आर्य नगर स्थित परशुराम वाटिका में रविवार सुबह आनंदा अमर उजाला ‘प्रथमा’ के योग शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। इस मौके पर प्रशिक्षकों ने योग की खूबियां बताते हुए जीवन को खुशहाल और स्वस्थ बनाने के टिप्स दिए।
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आनंदा अमर उजाला ‘प्रथमा’ कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
योग शिक्षिका भावना सबरवाल ने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, अनुरोम-विलोम समेत योग के कई आसान करने का तरीका बताया। उन्होंने सिखाया कि किस तरह योग को जीवन में उतारने से शरीर स्फूर्तिवान बनने लगता है और परिवार खुशहाल होने लगता है। इस दौरान उन्होंने बाणासन, पद्मासन, कपालभांति समेत अन्य योग क्रियाओं को भी करने का सही तरीका बताया। कहा कि यदि योग नियमित किया जाए तो ब्लड शुगर, कमर दर्द, घुटनों का दर्द समेत कई बीमारियां दूर भागने लगती हैं। शरीर कांतिवान और स्फूर्तिवान हो जाता है। योग से शरीर की लंबाई बढ़ाई जा सकती है। शारीरिक विकास के लिए योग काफी कारगर है।
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आनंदा अमर उजाला ‘प्रथमा’ कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
चेकअप में निकलीं कई बीमारियां
शिविर में योग के बाद निशुल्क हेल्थ चेकअप किया गया। इसमें प्रावी ईवीएफ फर्टिलिटी सेंटर की डॉक्टर मोनिका सचदेवा ने टीम के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। कई महिलाओं में बीपी, शुगर और थायरायड की बीमारी मिली। उन्हें रोग से बचाव के तरीके और खानपान में संतुलन रखने के टिप्स दिए गए।
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आनंदा अमर उजाला ‘प्रथमा’ कार्यक्रम
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डाइट से सुधार सकतीं सेहत
दिल्ली से आयीं न्यूट्रीशियन अपूर्वा आनंद ने महिलाओं से कहा कि सिर्फ डाइट पर नियंत्रण करके आधी बीमारियां दूर भगाई जा सकती हैं। महिलाएं अक्सर अपने काम में इतना व्यस्त हो जाती हैं कि वह खुद की डाइट भूल जाती हैं। जिसके चलते उन्हें कई बीमारियां घेर लेतीं हैं। ऐसे में उन्हें प्रोटीन और कैल्शियम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। प्रोटीन तो हर उम्र के लोगों के लिए होता है। उन्होंने आनंदा के डाइट प्लान को दिखाते हुए आनंदा के प्रोडक्ट की खूबियां और उपयोग के तरीके भी बताए।
आनंदा अमर उजाला ‘प्रथमा’ कार्यक्रम
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योग के ये फायदे बताए गए --- सूर्य नमस्कार - तेज बढ़ता है, शरीर स्फूर्तिवान होता ताड़ासन -लंबाई बढ़ाने के साथ पीठ दर्द दूर होता कपालभांति -ह्दय, फेफड़े और मस्तिष्क के रोग दूर होते अनुलोम-विलोम -शरीर में स्फूर्ति रहती है, तेज बढ़ता पद्मासन - रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है, चेहरा खिलता भ्रामरी -मन की चंचलता दूर होती, वाणी मधुर होती है