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अखिलेश-मायावती को लगा पहली वोटिंग के बाद झटका, पूर्व मंत्री ने बसपा छाेड़ थामा भाजपा का दामन

Fri, 12 Apr 2019 05:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अखिलेश यादव और मायावती - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उत्तर प्रदेश में सपा बसपा ने जीत दर्ज करने के लिए एक दूसरे का हाथ थामा है लेकिन 11 अप्रैल को देश की 91 सीटों पर हुई वोटिंग के ठीक बाद सपा बसपा गठबंधन को तगड़ा झटका लगा है। जिसका असर लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों पर भी साफ नजर आएगा।

 
 
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अवधपाल सिंह हुए केसरिया थामा भाजपा का दामन
फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र में सपा बसपा के गठबंधन को जोर का झटका लगा है। अलीगंज के पूर्व विधायक और दुग्ध विकास मंत्री रहे अवधपाल यादव हाथी की सवारी से उतर कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। इससे अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में गठबंधन प्रत्याशी की पकड़ कमजोर हो सकती है। सूबे की बसपा सरकार में दुग्ध विकास मंत्री रहे अलीगंज के पूर्व विधायक और एटा जनपद में यादवों के बीच पैठ रखने वाले अवध पाल यादव ने बसपा छोड़ दी है।
 
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अवधपाल सिंह यादव भाजपा में शामिल
वह गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। गौरतलब है कि पूर्व विधायक अवधपाल यादव सपा बसपा गठबंधन से फर्रुखाबाद लोकसभा से टिकट मांग रहे थे। लेकिन पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें टिकट नहीं देकर फर्रुखाबाद के पूर्व चेयरमैन व एमएलसी मनोज अग्रवाल को टिकट दिया।
 

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अवधपाल सिंह यादव (फाइल फोटो)
इसी को लेकर पूर्व मंत्री नाराज चल रहे थे। गुरुवार को सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी घर वापसी हुई है। वह पहले भी भाजपा में थे। वह इसी पार्टी से एमएलसी रह चुके हैं। कुछ दिन पहले उनसे गलती हुई थी जो वह हाथी पर सवार हो गए थे। पूर्व मंत्री के साथ ही उनके भाई व पूर्व एमएलसी चंद्र प्रताप सिंह यादव भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। 
 
 
 
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अवधपाल सिंह यादव रक्षामंत्री के साथ (फाइल फाेटो)
अवधपाल यादव पूर्व विधायक होने के साथ ही अलीगंज क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखते हैं। यादव लैंड कही जाने वाली इस विधान सभा क्षेत्र में उनका अपनी बिरादरी पर भी अच्छा असर है। उनके भाजपा में शामिल होने से जहां मुकेश राजपूत को इस विधानसभा क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने की आस बढ़ेगी। वहीं गठबंधन प्रत्याशी अब महज सपा के नेताओं भरोसे ही रह जाएंगे।
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