यूपी के कानपुर में नौबस्ता पुलिस ने मां-बेटे समेत चार को गिरफ्तार कर चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि मां घरों में बर्तन मांजने के बहाने काम ढूंढती थी। जब काम मिल जाता था, तो रेकी कर बेटे के गैंग से चोरी करा देती थी।
विज्ञापन
2 of 5
पकड़े गए आरोपी,
- फोटो : अमर उजाला
एसपी साउथ अशोक वर्मा ने बताया कि 27 जनवरी को संजय गांधी नगर में पवन गुप्ता की कार से बैग उड़ाने और पशुपति नगर में 2 फरवरी को लता गुप्ता केघर में र्हुई चोरी के मामले में चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम लगाई गई थी।
विज्ञापन
3 of 5
पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मूलरूप से उन्नाव के अजगैन निवासी नितीश उर्फ करिया कोरी को मछरिया से उठाया, जो राजीव विहार में मां गीता केसाथ रहता है। पूछताछ में नितीश ने दोनों घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की।
4 of 5
मौके से बरामद रुपए
- फोटो : अमर उजाला
उसने बताया कि उसने पशुपति नगर निवासी सनी और चंदीपुरवा के जितेंद्र के साथ मिलकर दोनों घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें भी उठाकर पूछताछ की तो यह बात सामने आई कि नितीश की मां रेकी करती है। इसके बाद वे लोग चोरी करते हैं।
यह पता चला है कि गीता संजय गांधी नगर के पवन गुप्ता और पशुपति नगर निवासी लता के यहां काम करती रही है। एसपी साउथ ने बताया कि लता गुप्ता के घर से उड़ाए गए लाखों के जेवर के बारे में पूछातछ की गई तो गीता ने बताया कि पकड़े जाने के डर से उसने जेवर को नाले में फेंक दिया है। पुलिस ने 1,47500 रुपये नगद, मोबाइल और अंगूठी बरामद कर पशुपति नगर व संजय गांधी नगर में हुई घटना का खुलासा भी किया है।